छत्तीसगढ़/कोरबा :- एसईसीएल (SECL) गेवरा क्षेत्र के भू-विस्थापितों ने प्रबंधन पर झूठे आश्वासन देने और रोजगार के वादे से मुकरने का गंभीर आरोप लगाया है बार-बार मिल रहे धोखे से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है यदि आगामी तीन दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो 9 अप्रैल 2026 से एसईसीएल गेवरा क्षेत्र का संपूर्ण कार्य अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दिया जाएगा । 
प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप
जिलाधीश को सौंपे गए ज्ञापन में भू-विस्थापितों ने बताया कि प्रबंधन ने पूर्व में हुए धरना प्रदर्शनों को समाप्त करवाने के लिए कई बार लिखित और मौखिक आश्वासन दिए थे:-
०१. 10 मार्च 2026:- सभी पात्र विस्थापितों को वैकल्पिक रोजगार देने का वादा किया गया जो आज तक अधूरा है ।
०२. 18 मार्च 2026:- 15 लोगों को तत्काल रोजगार देने की बात कही गई थी लेकिन उन्हें आज तक जॉइनिंग नहीं मिली ।
०३. 27 मार्च 2026:- प्रबंधन ने प्रदर्शन रुकवाने के लिए 20 अन्य लोगों को 8 अप्रैल तक बी-फॉर्म ट्रायल और जॉइनिंग देने का भरोसा दिलाया था जिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है ।
3 दिनों का अल्टीमेटम
ग्रामीणों का कहना है कि वे अब और प्रतीक्षा करने के मूड में नहीं हैं उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि 3 दिनों के भीतर उनकी नियुक्तियों और अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे इस काम बंद हड़ताल से होने वाले किसी भी कार्य व्यवधान या वित्तीय नुकसान की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल गेवरा प्रबंधन की होगी ।
प्रशासन को दी गई सूचना
इस संबंध में एक औपचारिक आवेदन जिलाधीश कोरबा के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक अनुविभागीय अधिकारी (कटघोरा) तहसीलदार (दीपका) और संबंधित थाना प्रभारियों को प्रेषित कर दिया गया है । ग्रामीणों ने एकता दिखाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक हक नहीं मिलेगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा ।













