HomeBreaking Newsजनजाति गौरव सम्मान में पहुंचे आदिवासियों को रहना पड़ा भूखे पेट”

जनजाति गौरव सम्मान में पहुंचे आदिवासियों को रहना पड़ा भूखे पेट”

छत्तीसगढ़/कोरबा :- जहां एक ओर राज्य सरकार आदिवासी समाज के उत्थान और सम्मान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, वहीं दूसरी ओर कोरबा में आयोजित आदिवासी गौरव सम्मान समारोह में अव्यवस्थाओं ने पूरे कार्यक्रम की छवि पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया।     

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राजीव गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग सम्मान प्राप्त करने तथा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन भोजन व्यवस्था की लापरवाही को लेकर लोगों में भारी नाराज़गी देखी गई।     

भोजन में सिर्फ ‘भात’… दाल-चटनी गायब

कार्यक्रम स्थल पर भोजन वितरण के दौरान आदिवासियों को केवल भात परोसा गया। लेकिन दाल, चटनी या अन्य किसी भी व्यंजन का इंतजाम नहीं था।
इस अव्यवस्था से कई लोग बेहद आक्रोशित दिखे। कुछ लोगों ने तो प्लेट में मिला भात वापस भगोने में डाल दिया, वहीं कई आदिवासी भोजन के अभाव में कार्यक्रम स्थल के बाहर से खाना खरीदने को मजबूर हो गए।     

प्रतिभागियों ने अधिकारियों की उदासीनता पर जताई नाराज़गी

प्रतिभागियों का कहना था कि सम्मान समारोह में बुलाया तो गया, लेकिन बुनियादी व्यवस्था तक ठीक नहीं थी।
लोगों ने संबंधित अधिकारियों की उदासीनता को कार्यक्रम की बड़ी विफलता बताया।

सम्मान कार्यक्रम में अव्यवस्था बनी चर्चा का विषय

आदिवासी गौरव सम्मान जैसे संवेदनशील और सम्मानजनक आयोजन में भोजन जैसी मूलभूत व्यवस्था का दुरुस्त न होना पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर रहा है।

जिले में दो आदिवासी विधायक होने के बावजूद भी दोनों आदिवासी विधायक भी कार्यक्रम से दूर रहे जो चर्चा का विषय बना हुआ है ।

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