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करोड़ों के टर्नओवर वाले न्यू कोरबा हॉस्पिटल व कृष्णा हॉस्पिटल के सामने की सड़क कीचड़ और गड्ढों से सराबोर, युवकों ने सड़क पर लगाया बोर्ड, लिखा विधायक जी का निजी खेत और महापौर जी का निजी तालाब

छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा में एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला सड़क पर विधायक जी के नाम से खेत और महापौर के नाम से तालाब बनाये जाने का बोर्ड लगाया गया है. यहां के कुछ स्थानीय युवाओं ने हाथ पर बोर्ड लिए जर्जर सड़क का विरोध करते नजर आये,
युवाओं का आरोप है कि शहर के मध्य स्थित कोसाबाड़ी मुख्य मार्ग पर कृष्णा हॉस्पिटल और न्यू कोरबा हॉस्पिटल संचालित है. इसके आसपास कॉलोनी भी है. जिसमें लोग निवास करते हैं, लेकिन इस हॉस्पिटल को आने-जाने वाला मार्ग वर्षों से जर्जर हो चुका है. इसकी मरम्मत की मांग को लेकर काफी लंबे समय से प्रयास किया जा रहा है. लेकिन अब तक जर्जर मार्ग का सुधार कार्य नहीं कराया जा सका. जिसके चलते हैं अस्पताल में आने वाले मरीजों और आम लोगों सहित आसपास के रहवासी काफी परेशान हैं,

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प्रदर्शन कर रहे युवाओं का आरोप है कि इसकी शिकायत कई बार करने के बाद भी मरम्मत कार्य नहीं हो सका है. जिसके कारण प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं. यहां के जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने यह प्रदर्शन किया जा रहा है. लोग बताते हैं कि इस मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोग कई बार हादसे का शिकार हो चुके हैं. कई गंभीर मरीज अस्पताल आवाजाही करते हैं. लेकिन निजी अस्पताल होने के बावजूद भी कोई सड़क को बनवाने के लिए तैयार नहीं हैं. जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है,

आपको बता दें कोरबा जिले में कुछ बड़े निजी अस्पतालों में न्यू कोरबा हॉस्पिटल और कृष्णा हॉस्पिटल के नाम आते हैं जानकारों की माने तो इन हॉस्पिटलों का करोड़ों का टर्नओवर है, यह और बात है कि इन्होंने शासन प्रशासन को सही जानकारी नहीं दी हो, न्यू कोरबा हॉस्पिटल की पुरानी शिकायतों पर गौर करेंगे तो इस स्थिति कुछ हद तक साफ होती दिखाई देगी, कोरोना काल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए इनको विशेष अनुमति मिली हुई थी न्यू कोरबा हॉस्पिटल के द्वारा एक अन्य जगह मरीजों को भर्ती करने के लिए कोविड सेंटर भी बनाया था, न्यू कोरबा हॉस्पिटल की कई शिकायतें पेंडिंग है जो लोगों द्वारा अधिक रकम वसूली सहित अन्य आरोपों के साथ की है ।

दुर्भाग्य है कि बड़े निजी हॉस्पिटल का तमगा रखने वाले और मोटी रकम वसूलने वाले हॉस्पिटल अपने मरीजों के आने जाने के लिए अपने सामने की सड़क नहीं बनवा पाए हर वर्ष यह सड़क कीचड़ और गड्ढे से सराबोर हो जाती है इससे मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है कई मोटरसाइकिल सवार कीचड़ में फंस कर गिर भी जाते हैं । बावजूद इसके ना तो हॉस्पिटल प्रबंधन वर्षों से इस सड़क को बनवा सका है ना निगम प्रशासन यही कारण है कि आज जागरूक युवाओं को इस प्रकार का आंदोलन करना पड़ा अब देखने वाली यह बात होगी इस प्रदर्शन के बाद हॉस्पिटल प्रबंधन जागरूक होता है या निगम प्रशासन जागरूक करवाता है ।

फिलहाल इस प्रदर्शन में लिखें शब्दों को लेकर अनुमान लगाया जा सकता है कि इनका इन हॉस्पिटलों से लेकर गहरा नाता है जो कई गंभीर शिकायतों के बाद भी अधिकारी इन हॉस्पिटलों की शिकायतों को नजरअंदाज कर देते हैं ।

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