छत्तीसगढ़/कोरबा :- जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री सुरेंद्र प्रसाद राठौर के तीखे बयान “जिम्मेदार नेता नींद में हैं” के बाद कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल सक्रिय हो उठे और शुक्रवार को कुसमुंडा-दीपका पहुंच मार्ग का औचक निरीक्षण करने मौके पर पहुंचे। इस सड़क की वर्षों से उपेक्षा और जनता को हो रही भारी परेशानियों को लेकर उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई।
कुचेना क्षेत्र की धंसी सड़क बनी जानलेवा मुसीबत
एनटीपीसी और रेलवे विभाग की लापरवाही से कोरबा-कुसमुंडा से गेवरा-दीपका को जोड़ने वाली सड़क कुचेना क्षेत्र के मुहाने पर धंस चुकी थी। इसके चलते जहां चार पहिया वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी, वहीं दोपहिया वाहन भी जोखिम उठाकर जैसे-तैसे इस रास्ते से गुजर रहे थे। जनता की इस परेशानी की जानकारी मिलने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
राठौर के आरोप से हिला प्रशासन
सुरेंद्र राठौर ने पहले ही मौके पर जाकर कहा था कि “यह रास्ता वर्षों से बदहाल है, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सोए हुए हैं, जबकि बगल में बन रहा पुल भी वर्षों से अधूरा पड़ा है।” उनके इस बयान ने प्रशासन और नेताओं की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसका सीधा असर विधायक की त्वरित प्रतिक्रिया के रूप में दिखाई दिया।
विधायक का सख्त निर्देश – अब कोई लापरवाही नहीं
निरीक्षण के दौरान विधायक प्रेमचंद पटेल ने लगभग आधे घंटे तक क्षेत्र का जायजा लिया और सड़क मरम्मत में किसी भी तरह की कोताही न बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी चेताया कि “यदि सड़क दोबारा खराब होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।”
स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी रहे मौजूद
निरीक्षण के समय बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी भी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से इमली छापर वार्ड 64 की पार्षद आरती सिंह, पार्षद प्रतिनिधि लखन सिंह, कुचेना पार्षद लक्ष्मण सिंह, भाजपा नेता राजेश पटेल, युवा नेता रावेंद्र पटेल, राधे गोसाई, सुमित खेमचंद शर्मा, गोल्डी, बी.आर. बंजारे, संतोष बंजारे, धीरेंद्र, पिंटू, रोहित, निक्की, नूर मोहम्मद आदि लोग शामिल रहे।
इस निरीक्षण और तत्काल मरम्मत कार्य की शुरुआत से जनता में थोड़ी राहत की उम्मीद जगी है। राजनीतिक दबाव और जनता की नाराजगी ने आखिरकार प्रशासन को हरकत में ला दिया है। यदि आगे भी इसी तरह सतर्कता बनी रही तो आने वाले समय में क्षेत्रवासियों को राहत मिल सकती है।
















