HomeBreaking Newsजमीन दलालों के निशाने पर आदिवासी बेवा महिला की जमीन, जमीन दलाल...

जमीन दलालों के निशाने पर आदिवासी बेवा महिला की जमीन, जमीन दलाल इतने ताकतवर की सही दस्तावेज को गलत और गलत को सही बना रहे , आदिवासी महिला न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर

छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है जहां ज्यादातर आदिवासियों की ही जमीने हैं बावजूद इसके राजस्व विभाग की मिली भगत से जमीनों में हेरा फेरी की शिकायतें लगातार आती रहती है, यह बात भी किसी से छिपी नहीं है कि कोरबा जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों की कृपा से जमीन एक स्थान से दूसरे स्थान तक दौड़ भी लगती है, इसका फायदा भू माफिया वह जमीन दलाल उठते हैं जबकि गरीब तबके के आदिवासी जो वास्तव में भू स्वामी है वह दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर होते हैं,

- Advertisement -

इसी प्रकार जमीन की अपरा तफरी का एक मामला सामने आया है जिसमें एक आदिवासी बेेवा महिला ने आरोप लगाया है कि अपनी जमीन पानी दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर है वह न्याय के लिए दर-दर भटक रही है लेकिन ताकतवर जमीन दलालों के द्वारा दस्तावेजों में कूट रचनाकर बेवजह महिला को परेशान किया जा रहा है । महिला ने कोरबा प्रेस क्लब तिलक भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जानकारी दी और दिए गए विज्ञप्ति में बताया कि

सुकवारा बाई बेवा पंचराम एवं फिरतु राम, फिरतराम, छोटेलाल तीनों के पिता स्व. पंचराम निवासी आछीमार के द्वारा बूंद कुंवर बेवा डोकरी, आयुक्त नगर पालिक निगम कोरबा, जिलाध्यक्ष कोरबा, अनावेदिका रंजना सिंह गोंड दीनकी बाई एवं बिंदालाल के विरूद्ध व्यवहार वाद वास्ते स्वत्व की घोषणा एवं स्थायी निषेधाज्ञा हेतु प्रस्तुत किया है जिसका क्रमांक 70 अ / 2014 प्रस्तुत किया था. उक्त दावे का दिनांक 05/08/2017 को व्यवहार न्यायालय द्वारा निराकरण करते हुये सुकवारा बाई वगैरह का दावा एवं दीनकी बाई तथा बिंदालाल का प्रतिदावा निरस्त किया है और अनावेदिका के पक्ष में निराकरण हुआ है।

इसी तरह उपरोक्त वादीगण सुकवारा बाई वगैरह ने तथा श्रीमति दीनकी बाई ने सिविल अपील प्रस्तुत की है जिनका क्रमांक क्रमश 12 ए/2017 एवं 13 ए/ 2017 है और उक्त दोनों सिविल अपील, सिविल न्यायालय ने अंतिम निर्णय पारित करते हुये खारिज कर दी है और इस तरह सुकवारा बाई बेवा पंचराम एवं फिरतु राम, फिरतराम, छोटेलाल तीनों के पिता स्व. पंचराम निवार्सी आछीमार एवं दीनकी बाई का स्वत्व का दावा एवं सिविल अपील निरस्त कर दिया है और व्यवहार वाद के निराकरण के आधार पर और पंजीकृत विक्रय पत्र के आधार पर वाद भूमि जो ग्राम कोरबा, प. ह. नं. पिता 16 खसरा नंबर 236/3 रकबा 0.87 एकड भूमि पर अनावेदिका रंजना सिंह गोंड सोबरन सिंह खरीदी हक से उक्त वाद भूमि पर दखल कब्जे में है।

1. यह कि, अनावेदिका के विरूद्ध फिरतु राम, फिरतराम, छोटेलाल तीनों के पिता स्व. पंचराम निवासी आछीमार के द्वारा कलेक्टर कोरबा में उन्हीं पक्षकारों के मध्य और एक ही वाद विषय पर और एक ही वाद भूमि के संबंध में सिविल वाद में निराकृत होने के बाद भी वही अनुतोष की मांग की गई है जो कि अविधिक है, राजस्व प्रकरण 202307050400051/बी-121/2022-23 में मामला चलाया जा रहा है और एक अन्य विषय जाति प्रमाण पत्र का भी उठाया है। सत्यता यह है कि अनावेदिका रंजना सिंह गोंड पिता सोबरन सिंह गोंड के द्वारा दिनांक 12/10/2023 को दस्तावेज सूचि अनुसार 15 कंडिका में वर्णित दस्तावेज उपलब्ध कराये है जिसमें अनावेदिका का जाति प्रमाण पत्र आमदनी प्रमाण पत्र, पार्षद का प्रमाण पत्र प्रधान पाठक प्राथमिक शाला भिलाई खुर्द क्रमांक 1 का जारी दाखिल खारिज पंजी अनावेदिका रंजना सिंह गोंड पिता सोबरन सिंह गोंड की सगी बहन कुमारी शालिनी एवं कुमारी भावना दोनो के पिता सोबरन सिंह गोंड का भी दाखिल खारिज पंजी न्यायालय में प्रस्तुत की है तथा अनावेदिका ने माध्यमिक परीक्षा की अंकसूचि जो वर्ष 1989 का तथा अपनी बहनों का भी अंक सूची प्रस्तुत की है एवं अनावेदिका ने स्टाय फंड प्राप्त होने के संबंध में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर का पास बुक एवं स्कूल का पहचान पत्र प्रस्तुत किया है इस तरह अनावेदिका ने अपने जाति गोंड के संबंध में समुचित,

एवं पर्याप्त दस्तावेज न्यायालय में उपलब्ध कराये हैं इसके बावजूद भी अनावेदिका के जाति प्रमाण पत्र को प्रश्नागत किया जा रहा है जो कि अविधिक है ऐसी स्थिति में उपरोक्त जाति के दस्तावेजों एवं उक्त आवेदन पत्र एवं सिविल न्यायालय के आदेश तथा सिविल अपीली न्यायालय के आदेश के आधार पर अनावेदिका के विरूद्ध जाति के संबंध में एक से अधिक राजस्व न्यायालयों में की जा रही कार्यवाही अविधिक होकर शून्य है।

2. यह कि, अनावेदिका रंजना सिंह गोंड को मिडिया के माध्यम से जानकारी हुई है कि अनावेदिका के विरूद्ध एक ही वाद विषय पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोरबा एक केस, न्यायालय कलेक्टर कोरबा के माध्यम से दो प्रकरण चलाये जाने और गलत तरीके से जमीन दलालों के बहकावे में तथा नकली एवं फर्जी लोगों के दबाव में आकर अनावेदिका के विरूद्ध गलत एवं अविधिक कार्यवाही की जा रही है जो प्रारंभ से ही शून्य है।

3. यह कि, जमीन दलाल एवं मिडिया से जुडा हुआ बताने वाले अब्दुल सुलतान, अमृत लाल केरकेट्टा, राजू सिमोन, मोनीश के द्वारा जानबूझ कर, सोच समझ कर मुझे मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताडित किया जा रहा है और उपरोक्त राजस्व न्यायालयों में की जा रही कार्यवाही को संपादित कराया जा रहा है। और माननीय कलेक्टर उपरोक्त वर्णित मिडिया से जुडे तथा बडे स्तर के उपरोक्त

जमीन दलालों के दबाव में हैं जो कि अविधिक है। अतः उपरोक्त शिकायत पत्र के आधार पर समस्त कार्यवाहीयां व्यवहार

न्यायालय एवं सिविल अपील न्यायालय के आदेशानुसार राजस्व रिकार्ड यथावत रखते हुये अनावेदिका के जाति के संबंध में कई राजस्व न्यायालयों में एक साथ की जा रही अविधिक कार्यवाही करने को तत्काल रोके जाने का आदेश दिया जाना न्यायोचित होगा सिविल न्यायालय का आदेश एवं सिविल अपील न्यायालय का आदेश सभी राजस्व न्यायालयो पर एवं सभी पक्षकारो पर बधनकारी होगा, अगर सिविल न्यायालय के आदेश के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जाती है तो वह सिविल न्यायालय के आदेश की अवमानना की श्रेणी का अपराध होता है।

Must Read