छत्तीसगढ़/कोरबा :- शहर के स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई पहचान बना रहे शिवाय हॉस्पिटल से एक बेहद सुखद और यादगार खबर सामने आई है। अस्पताल में पहली बार सफल डिलीवरी के साथ नवजीवन की किलकारी गूंजी, जिसने न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे अस्पताल स्टाफ के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।
इस खास मौके को और भी यादगार बनाते हुए नवजात शिशु का नाम “शिवाय” रखा गया—जो सीधे तौर पर अस्पताल के नाम से प्रेरित है। यह नाम अब सिर्फ एक बच्चे की पहचान नहीं, बल्कि अस्पताल की शुरुआत की एक भावनात्मक याद भी बन गया है। यह खुशी बालगी निवासी श्रीमती नीलम पटवार और उनके पति श्री रोशन पटवार के घर आई है। पूरे केस को स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूर्णिमा सुरभि ने कुशलतापूर्वक संभालते हुए डिलीवरी को सफल बनाया।
अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं, जो इस सफलता को और भी खास बनाता है। यह पहली डिलीवरी न केवल एक चिकित्सा उपलब्धि है, बल्कि क्षेत्र में बेहतर मातृत्व सेवाओं की दिशा में एक मजबूत कदम भी है। परिजनों ने अस्पताल की सुविधाओं, साफ-सफाई और डॉक्टरों की टीम की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। वहीं शिवाय हॉस्पिटल प्रबंधन ने इसे एक “नई और सकारात्मक शुरुआत” बताते हुए भविष्य में और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का संकल्प दोहराया। इस पहली किलकारी के साथ शिवाय हॉस्पिटल ने न केवल एक बच्चे का स्वागत किया, बल्कि कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं के नए अध्याय की भी शुरुआत कर दी है।











