HomeBreaking Newsआदिवासी समाज को तोड़ने की साजिश पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

आदिवासी समाज को तोड़ने की साजिश पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

“आदिवासी समाज आदि काल से गौरा-गौरी का उपासक रहा है, भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें” – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़/कोरबा :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गौरा पूजा महोत्सव एवं बैगा पुजेरी सम्मेलन के मंच से आदिवासी समाज को तोड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आदिवासी समाज आदि काल से हिंदू परंपराओं का पालन करता आया है और गौरी-गौरा के रूप में शिव-पार्वती की पूजा करता रहा है, लेकिन कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम की स्थिति पैदा कर समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, आस्था और परंपराएं उसकी पहचान हैं, जिन्हें कमजोर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। ऐसे तत्वों से सतर्क रहने और समाज को एकजुट रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भ्रम में पड़कर अपने गौरवशाली इतिहास से दूर होना आदिवासी समाज के हित में नहीं है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक प्रचार में न आएं और अपनी सांस्कृतिक एकता को मजबूत रखें। सरकार जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास, संस्कृति संरक्षण और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने आईटीआई चौक से बालको मार्ग को ‘जनजातीय गौरव पथ’ नाम देने की घोषणा करते हुए कहा कि इस मार्ग पर जनजातीय महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और महापुरुषों से प्रेरणा ले सके।

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