छत्तीसगढ़/कोरबा :- जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सबल बनाने पाली, पोड़ी उपरोड़ा और कोरबा जनपद पंचायत में सिलाई मशीन का वितरण किया जाना था। जिसमें व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। कागजों पर सिलाई मशीन हित ग्राहियों को बांट दिया गया था लेकिन हकीकत में हितग्राहियों को सिलाई मशीन नहीं मिली थी जिसकी खबर प्रमुखता से सुर्खियां न्यूज़ द्वारा उठाया गया था इसके बाद कलेक्टर ने टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे जांच टीम जब धरातल में हितग्राहियों से सिलाई मशीन मिलने की जानकारी जानना चाहिए तो सिलाई मशीन उन्हें नहीं मिली थी लेकिन कागजों में सिलाई मशीन वितरण कर दी गई थी जांच दल द्वारा जांच की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई तो एक गोदाम में भारी मात्रा में हितग्राहियों को बढ़ाने वाली सिलाई मशीन पाई गई जो गुणवत्ता में भी खरी नहीं उतरी, 
दरअसल मामला जनपद पंचायत कोरबा ने महिलाओं को सिलाई मशीन बांटने का है जहां बिना सिलाई मशीन बांटे लाखों के वारे न्यारे कंपनी द्वारा कर लिया गया। खबरों के माध्यम से मामले का खुलासा किया गया जिस पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया और टीम गठित कर जांच के आदेश दिए गए हैं। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सह जांच अधिकारी ने सप्लायर कंपनी ओरिएंटल सेल्स कॉपोरेशन को नोटिस जारी कर 16 जुलाई को तलब किया था, मगर बुलावे पर कंपनी के जिम्मेदार उपस्थित नहीं हुए। जिससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के संकेत मिल रहे हैं,
वही ओरिएंटल सेल्स कॉपोरेशन को जारी नोटिस में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सह जांच अधिकारी ने कहा है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी सह सचिव, प्रबंधकारिणी समिति, जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा के आदेश क्रमांक/डीएमएफटी-15/आईआर/2023-24/185 कोरबा, दिनांक 11.06.2024 के द्वारा “कोरबा जिला अंतर्गत जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायतों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु सिलाई मशीन प्रदाय” के तहत मीडिया द्वारा की गई शिकायत की जांच हेतु समिति का गठन किया गया है। अतः जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायतों, संबंधित हितग्राहियों को प्रदाय सिलाई मशीन से संबंधित जानकारी यथा कार्यदेश की प्रति, स्थानवार चालान की प्रति, देयक की प्रति, पावती इत्यादि आवश्यक दस्तावेज सहित दिनांक 16 जुलाई दोपहर 12.00 बजे कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कोरबा में उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे, ताकि जांच में आवश्यक कार्यवाही की जा सके। सहायक आयुक्त के नोटिस के बाद भी संबंधित सप्लायर कंपनी के जिम्मेदार अफसर उपस्थित नहीं हुए। जिससे मामला गड़बड़ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने सिलाई मशीन के स्टॉक का भी जायजा लिया है।
सिलाई मशीन वितरण में हुए भ्रष्टाचार को लेकर कलेक्टर ने कड़े तेवर दिखाते हुए विगत 9 जुलाई को टीम गठित कर 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से ग्राम पंचायतों के पात्र हितग्राहियों को मशीन वितरित करना निर्देशित किया है, कलेक्टर अजीत वसंत ने समय सीमा की बैठक में निर्देशित किया था कि सिलाई मशीन की गुणवत्ता से किसी प्रकार की कोई समझौता न किया जाए संबंधित ग्राम पंचायतों को समय पर मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने 15 दिवस के भीतर सिलाई मशीन अनिवार्य रूप से ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ।


















