कलेक्टर ने खदान प्रभावित पुनर्वास ग्रामों और प्रमुख सड़क परियोजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
छत्तीसगढ़/कोरबा :- एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के अंतर्गत खदान हेतु अधिग्रहित ग्राम खोडरी एवं पोड़ी के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बुधवार को पुनर्वास ग्राम खम्हरिया एवं जटराज का निरीक्षण कर वहां बसाहट के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्वास ग्रामों को “मॉडल पुनर्वास ग्राम” के रूप में विकसित किया जाए, जहां गुणवत्तापूर्ण सड़कें, नालियां, पेयजल, विद्युत तथा अन्य बुनियादी सुविधाएं समय-सीमा में उपलब्ध हों। उन्होंने निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
इसके पश्चात कलेक्टर ने सर्वमंगला से इमलीछापर तक निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।
कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्राम भिलाईखुर्द तरदा में प्रस्तावित नवीन पुल के स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुल निर्माण से क्षेत्रीय आवागमन में होने वाले लाभों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, अपर निगम आयुक्त विनय मिश्रा सहित एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सक्रिय पहल से खदान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और क्षेत्रीय अधोसंरचना विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।















