छत्तीसगढ़/कोरबा :- छत्तीसगढ़ में कथित अफीम की खेती को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कोरबा प्रवास पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। वहीं प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने महंत के आरोपों को निराधार बताते हुए पलटवार किया है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ में धान की खेती को कमजोर कर नशे की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी में किसानों को लगातार परेशान किया जा रहा है और अब अफीम की खेती को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। महंत के अनुसार आबकारी विभाग के माध्यम से डबल फेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं के तहत अफीम की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है। महंत ने आगे कहा कि किसानों को धान उत्पादन से दूर करने के लिए उन्हें नशे की खेती का प्रशिक्षण देने की कोशिश हो रही है और इसके लिए राजस्थान से प्रशिक्षकों को बुलाए जाने की चर्चा है। उन्होंने कहा कि देश पहले से ही नशे की समस्या से जूझ रहा है और यदि इस प्रकार की खेती को बढ़ावा दिया गया तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम सामने आ सकते हैं।उन्होंने प्रदेश में मिलावटी शराब की बिक्री का मुद्दा भी उठाते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में नशे के कारोबार को बढ़ावा देकर राजस्व बढ़ाने की मंशा दिखाई दे रही है। गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर भी महंत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम परिवारों की रसोई का बजट लगातार बिगड़ रहा है, लेकिन सरकार को इसकी चिंता नहीं है।
वहीं इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के आबकारी एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए इस तरह के आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर धरना-प्रदर्शन और बयानबाज़ी करना कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशहित में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं और प्रदेश सरकार भी किसानों और आम जनता के हित में काम कर रही है।दुर्ग जिले में सामने आए अफीम की अवैध खेती के मामले पर मंत्री देवांगन ने स्पष्ट कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे वह किसी भी दल का नेता हो या आम नागरिक, अवैध कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में अफीम की खेती को लेकर उठे इस विवाद के बाद सियासी बयानबाज़ी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और गर्मा सकता है



















