छोटे ग्राम में बगैर कोई चिकित्सक के मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक का आयोजन कर केवल औपचारिकता निभाने का आरोप स्वास्थ्य विभाग पर लगाया
छत्तीसगढ़/कोरबा :- मो. आवेश कुरैशी ने पत्र लिख कर बताया की विकासखंड कोरबा के अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में ग्राम भैसमा तिलकेजा कोरकोमा कुदमुरा अजगरबहार श्यांग लेमरू मुख्य ग्राम है इन ग्रामों में वृहद रूप से हाट बाजार लगता है इन ग्रामों में लगने वाले हाट बाजारों में व्यवसाई व आसपास के ग्रामों के काफी लोग लगभग 500 से 800 तक अपनी दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदने पहुंचते हैं लेकिन उल्लेखित ग्रामों में हाट बाजार स्वास्थ्य शिविर का आयोजन नहीं किया जा रहा है जिससे हाट बाजार में व्यवसायियों व आने वाले ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है ग्राम अमलडीहा डोकरमना कछार आदि छोटी जगहों पर लगने वाली हटरी में शिविरों का आयोजन कर खानापूर्ति की जा रही है जहां पर 100 से 150 की संख्या में लोग उपस्थित नहीं होते। इन शिविरों में ना कोई चिकित्सक होता है ना खून पेशाब जांच करने वाले टेक्नीशियन ना ही आंख जांच करने वाला नेत्र अधिकारी होते है छोटे ग्रामों में लगने वाले हटरी में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक का आयोजन कर औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।
मो आवेश कुरैशी ने राजस्व मंत्री को लिखे पत्र में ग्राम श्यांग लेमरू अजगरबहार कोरकोमा भैसमा कुदमुरा एवं तिलकेजा में वृहद रूप से लगने वाले हाट बाजार में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक का आयोजन अभिलंब प्रारंभ कराने क्लीनिक में एक चिकित्सा अधिकारी एक नेत्र चिकित्सक लैब टेक्नीशियन दो नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने की मांग की तथा छोटे-छोटे ग्राम जहां हटरी लगती है उन स्थानों पर हटरी समय पर जीवन रक्षक दवाइयों के साथ चिकित्सा स्टाफ की ड्यूटी निर्धारित कराने की मांग की।

















