छत्तीसगढ़/कोरबा :- साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड एसईसीएल की गेवरा खदान में प्राइवेट ठेकेदार पीएनसी कंपनी के अधीन काम कर रही ADAS JD कंपनी पर स्थानीय छत्तीसगढ़िया ड्राइवरों और मजदूरों के साथ लगातार अन्याय का गंभीर आरोप लगा है। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर-राजनीतिक संगठन) के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल द्वारा लिखा गया पत्र आज एसईसीएल गेवरा के मुख्य महाप्रबंधक को सौंपा गया। इस मौके पर संगठन के जिला उपाध्यक्ष केशी आदिवासी भी मौजूद रहे।
संगठन ने खासतौर पर भू-प्रभावित स्थानीय छत्तीसगढ़िया परिवारों को नौकरी से वंचित रखे जाने पर जोर दिया है। खदान से प्रभावित गांवों के स्थानीय लोगों के खेत, जल स्रोत और पूरा जीवन-यापन प्रभावित हो चुका है, फिर भी इन्हें प्राथमिकता नहीं दी जा रही। संगठन ने इसे छत्तीसगढ़ महतारी के बेटा-बेटियों के हक-अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया है।
संगठन की प्रमुख मांगें हैं ड्राइवरों को हर महीने की 10 तारीख तक पूरी सैलरी अनिवार्य रूप से दी जाए, ADAS JD कंपनी के सभी ड्राइवरों का गेट पास तुरंत जारी किया जाए, ड्राइवरों को HPC दरों के अनुसार उचित वेतन दिया जाए और खदान प्रभावित गांवों के स्थानीय छत्तीसगढ़िया परिवारों को प्राथमिकता से नौकरी दी जाए।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर 15 अप्रैल 2026 तक कार्रवाई नहीं हुई तो 15 अप्रैल से पीएनसी कंपनी का सम्पूर्ण कार्य बंद कर दिया जाएगा और एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव किया जाएगा।
प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल ने कहा, “हम शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी जायज मांगें रख रहे हैं। यदि हमारी उपेक्षा की गई तो छत्तीसगढ़ महतारी के बेटा-बेटियों का आक्रोश रोक पाना कठिन होगा। पूरी जवाबदारी एसईसीएल प्रबंधन, मुख्य महाप्रबंधक और पीएनसी कंपनी की होगी।” संगठन ने 14 अप्रैल 2026 तक लिखित समाधान की भी मांग की है।











