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लेखापाल भार मुक्त करने के मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासन से मांगी आदेश कॉपी

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  आदिवासी विकास विभाग के लेखापाल को बिना अनुमोदन व मौखिक निर्देश के भारमुक्त करने के मामले में नया मोड़ आया गया है। बताया जा रहा है कि लेखापाल सुरेश चंद्र पटेल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से मामले को हाईकोर्ट में दायर कराया था। लेखापाल के जाने माने क्रिमिनल लॉयर अवध त्रिपाठी ने बताया कि मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासन से 24 जनवरी 2023 को जारी आदेश के कॉपी को तलब किया है।
मामला यह है कि आदिवासी विकास विभाग के लेखापाल सुरेश चंद्र पटेल को 24 जनवरी 2023 को सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने वन अधिकार मान्यता पत्र संबंधीत लिपिकीय कार्य करने के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद कोरबा अटैच किया गया था। लेखापाल को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा सुश्री रूचि सार्दुल द्वारा बिना किसी अनुमोदन व मौखिक निर्देश के भारमुक्त कर दिया गया है। 10 मई 2023 को मध्यान्ह पश्चात कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा के लिए भारमुक्त किया गया है। इस संबंध में आदिवासी विकास विभाग अधिकारी सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर का कहना है कि उनके द्वारा लेखापाल को रिलिफ करने कोई अनुमोदन नहीं किया गया है। इस संबंध में उन्होंने जरूर कलेक्टर से संबंधित लिपिक को रिलिफ करने का आग्रह किया था। लेकिन कलेक्टर ने आगामी सीएम प्रवास को देखते हुए उसके उपरांत रिलिफ पर विचार करने आश्वस्त किया था। इसके बाद भी कलेक्टर के आदेश से इतर जाते हुए जनपद पंचायत सीईओ ने संबंधित लिपिक को भारमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। अब इस मामले में हाईकोर्ट ने आदेश कापी तलब किया है।

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