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नए वर्ष 2026 में एसीबी की पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई, धर्मजयगढ़ एसडीएम कार्यालय का बाबू ₹1 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

छत्तीसगढ़/रायगढ़/बिलासपुर :- नए वर्ष 2026 की शुरुआत में ही छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ स्थित एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह वर्ष 2026 की छत्तीसगढ़ में एसीबी की पहली ट्रैप कार्रवाई मानी जा रही है।

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एसीबी इकाई बिलासपुर ने आज दिनांक 02 जनवरी 2026 को धर्मजयगढ़ एसडीएम कार्यालय के बाबू अनिल कुमार चेलक को एक ग्रामीण से ₹1 लाख रिश्वत लेते हुए उसके शासकीय आवास से गिरफ्तार किया। आरोपी ने पकड़े जाने के डर से रिश्वत की रकम अपने आवास के पीछे फेंक दी थी, जिसे एसीबी टीम ने बरामद कर लिया।

एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि दिनांक 24 दिसंबर 2025 को ग्राम अमलीटिकरा, तहसील धर्मजयगढ़ निवासी राजू कुमार यादव द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने ग्राम अमलीटिकरा में जमीन क्रय की थी, जिसकी रजिस्ट्री और नामांतरण उसके नाम पर हो चुका था। इसके बावजूद एसडीएम कार्यालय के बाबू अनिल कुमार चेलक द्वारा जमीन की रजिस्ट्री को गलत बताते हुए शिकायत की बात कही गई और मामले को नस्तीबद्ध करने के एवज में ₹2 लाख रिश्वत की मांग की गई।

शिकायत के सत्यापन के दौरान यह बात सही पाई गई, जिसमें आरोपी द्वारा पहली किस्त के रूप में ₹1 लाख लेने पर सहमति दी गई। इसके बाद एसीबी द्वारा ट्रैप की योजना बनाई गई। आज प्रार्थी को रिश्वत की राशि लेकर आरोपी के धर्मजयगढ़ स्थित शासकीय आवास भेजा गया, जहां आरोपी ने रकम हाथ में ली, लेकिन संदेह होने पर दरवाजा बंद कर लिया।

लगातार प्रयास के बाद एसीबी टीम ने दरवाजा खुलवाया। पूछताछ में आरोपी पहले टालमटोल करता रहा, लेकिन बाद में उसने स्वीकार किया कि उसने रिश्वत की राशि को अपने आवास के पीछे दीवार के पास एक बैग में डालकर फेंक दिया था। एसीबी स्टाफ ने उसे रकम फेंकते हुए देखा भी था। इसके बाद ₹1 लाख की रिश्वत राशि बरामद कर जप्त कर ली गई। एसीबी द्वारा आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि एसीबी द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। नए वर्ष 2026 की यह छत्तीसगढ़ में पहली और बड़ी सफल ट्रैप कार्रवाई है। डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि ऐसी कार्रवाइयां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 02 जनवरी 2025 को भी एसीबी इकाई बिलासपुर ने जिला जांजगीर में हथकरघा विभाग के निरीक्षक को ₹50 हजार रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर वर्ष की पहली ट्रैप कार्रवाई की शुरुआत की थी।

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