छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा जिले में समाज कल्याण विभाग से सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी ने दिव्यांगजनों से जुड़ी योजनाओं की हकीकत उजागर कर दी है। कोरबा जिले में पहले श्रवण यंत्र योजना में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान किसी प्रकार की खरीदी नहीं होने का खुलासा हुआ था, और अब बैटरी चलित साइकिल योजना को लेकर भी चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है। 
RTI के जवाब में विभाग ने जवाब देते हुए बताया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैटरी चलित साइकिल मद की कोई राशि प्राप्त नहीं हुई, जिसके चलते इस योजना के अंतर्गत न तो साइकिलों का वितरण हुआ और न ही किसी प्रकार का व्यय दर्ज किया गया। विभाग ने इस संबंध में जानकारी को “निरंक” बताया है।
आवेदक द्वारा हितग्राहियों के आवेदन, दस्तावेज, वितरण से जुड़े बिल-वाउचर की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई थीं, लेकिन जन सूचना अधिकारी (उप संचालक, समाज कल्याण विभाग) ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 8 का हवाला देते हुए इन्हें देने से इंकार कर दिया। विभाग का कहना है कि ये दस्तावेज गोपनीय श्रेणी में आते हैं।
लगातार दो महत्वपूर्ण योजनाओं—पहले श्रवण यंत्र और अब बैटरी चलित साइकिल—में या तो खरीदी नहीं होना या राशि ही अप्राप्त होना कई सवाल खड़े कर रहा है। इससे यह संकेत भी मिल रहे हैं कि कहीं न कहीं योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही या अनियमितता हो सकती है। दिव्यांगजनों के लिए बेहद जरूरी इन योजनाओं का लाभ हितग्राही तक न पहुंचना चिंताजनक है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों पर क्या जवाबदेही तय होती है।













