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भाजपा में टिकट बंटवारे को लेकर उपजा असंतोष, कहीं भाजपा को भारी न पड़ जाए, केदारनाथ अग्रवाल को आम आदमी पार्टी साधने में लगी हुई

छत्तीसगढ़/कोरबा :- छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावओं में इस बार चुनाव रोचक होने वाले हैं जहां कांग्रेस बीजेपी अपनी उपलब्धियों को गिनाकर मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करने मे लगे हुए है वहीं छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के एंट्री से दोनों पार्टियों के समीकरण बनते और बिगड़ते नजर आ रहे हैं, कोरबा की चारों विधानसभाओं सहित पूरे छत्तीसगढ़ में बीजेपी में लगभग टिकट बटवारे को लेकर असंतोष देखा जा रहा है, हालांकि कांग्रेस के द्वारा अभी प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है प्रत्याशियों के घोषणा के बाद स्थिति और साफ नजर आएगी, इसके साथ-साथ छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना राजनीतिक पार्टी के रूप में उतरकर पूरे 90 विधानसभा में अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा कर चुकी है जो लोकल वाद को लेकर आगे बढ़ रही है वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आदिवासियों की पहली पसंद बनी हुई है, इसके साथ-साथ जोगी कांग्रेस पार्टी भी मैदान में विभिन्न मुद्दों को लेकर अपने प्रत्याशी उतार रही है, सपा और बीएसपी के भी प्रत्याशी मैदान में रहेंगे,  पार्टी के अंतर्कलह व गुटबाजी व टिकट बंटवारे को लेकर उपजा असंतोष क्षेत्रीय व आप पार्टी के कारण कांग्रेस और भाजपा पार्टियों के समीकरण मे काफी हद तक उलट फेर की संभावना जताई जा रही है, बीजेपी ने परिवर्तन यात्रा के माध्यम से प्रदेश की सत्ता पाने की कोशिश की है लेकिन बीजेपी के टिकट बंटवारे में फैला असंतोष कहीं ना कहीं भाजपा के परिवर्तन यात्रा पर भारी पड़ रहा, और बीजेपी में गुटबाजी व भीतर घात से बीजेपी का समीकरण बिगाड़ सकता है, वही जनता जनार्दन का मूड क्या कहता है यह तो चुनाव के नतीजे आने के बाद ही पता लग पाएगा ।

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कोरबा जिले के चारों विधानसभा की बात की जाए तो भाजपा ने चारों विधानसभा में अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं जिसमें से तीन विधानसभाओं में पुराने चेहरों को मौका दिया गया है वहीं एक कटघोरा विधानसभा में नए चेहरे को पार्टी ने मौका दिया है,
कोरबा जिले के चारों विधानसभाओं में टिकट बंटवारे को लेकर भारी असंतोष नजर आ रहा है

जहां रामपुर विधान सभा क्षेत्र में वरिष्ठ आदिवासी कद्दावर नेता ननकी राम को पुनः पार्टी ने मौका दिया है वहीं इनका विरोध भी हो चुका है,

कोरबा विधानसभा में कई ऐसे दिग्गज नेता इस बार टिकट की आस रखे हुए थे लेकिन पार्टी ने आचार संहिता लगने के दो माह पहले ही लखन लाल देवांगन को कोरबा विधानसभा से प्रत्याशी घोषित कर सभी के मुंह बंद कर दिए, इसके बाद भारी नाराजगी देखने को मिल रही है ।

पालीतानाखार विधानसभा की बात की जाए तो यहां से रामदयाल उइके को पार्टी ने पुन: मौका दिया है जबकि विजय जगत पूरी तरह से संतुष्ट होकर चुनाव की तैयारी कर चुके थे और लगातार पार्टी के उच्च नेताओं से इन्हें ही टिकट मिलने की बातें सामने आ रही थी लेकिन ऐन वक्त में पार्टी ने इन पर भरोसा ना कर पूर्व में हारे हुए प्रत्याशी पर पुनः दांव लगाया है, जबकि विजय जगत एक दमदार नेता के साथ-साथ एक हंसमुख चेहरा और क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं,

वही कटघोरा विधानसभा की बात की जाए तो यहां से कई ऐसे जाने माने चेहरे दावेदारी कर रहे थे जिसमें से सबसे दमदार चेहरे के रूप में केदारनाथ अग्रवाल भी दावेदारी किए हुए थे लेकिन पार्टी ने एक ऐसे चेहरे को प्रत्याशी बनाया जिन्हें ज्यादातर लोग जानते ही नहीं है, कोरबा जिले के चारों विधानसभाओं में जिस प्रकार भाजपा में टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी के पदाधिकारी एवं उनके समर्थक कार्यकर्ताओं में असंतोष पनप रहा है जो कहीं ना कहीं भीतरघात से इनकार नहीं किया जा सकता है हालांकि कांग्रेस पार्टी सहित विभिन्न क्षेत्रीय पार्टियों ने चारों विधानसभाओं में अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है कुछ विधानसभा कोरबा विधान सभा में आम आदमी पार्टी से विशाल केलकर को पार्टी ने प्रत्याशी उतारते हुए घोषणा की है वही पालीताणा खार से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम मैदान में है, चारों विधानसभाओं में सभी पार्टियों के प्रत्याशी उतारने के बाद स्थिति और साफ नजर आएगी,

वहीं सूत्रों के मुताबिक कटघोरा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के प्रमुख दावेदार केदारनाथ अग्रवाल को आम आदमी पार्टी कटघोरा से विधानसभा चुनाव में उतारने के लिए प्रयास रत है, केदारनाथ कटघोरा विधानसभा से उम्र के इस पडाव में अबकी बार बीजेपी से टिकट की उम्मीद की थी लेकिन पार्टी ने ऐसे नए चेहरे को मैदान में उतारा जिससे सभी भौचक रह गए, हालांकि केदारनाथ अग्रवाल पार्टी में रहकर पार्टी के रीति नीति पर चलना चाह रहे, लेकिन बढ़ती उम्र और अबकी बार कटघोरा विधानसभा से चुनाव लड़ने के सपने पर पार्टी के निर्णय से फिरते पानी को अंदर अंदर हजम भी नहीं कर पा रहे हैं, इसी का फायदा उठाते हुए आम आदमी पार्टी इन्हें अपनी और साधने में लगी हुई है, अगर चुनाव के ऐन वक्त आम आदमी पार्टी केदारनाथ अग्रवाल को साधने में सफल होती है और इन्हें कटघोरा विधानसभा से अपना प्रत्याशी घोषित करती है तो बीजेपी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है,

बीजेपी में यही स्थिति अन्य तीनों विधानसभाओं में बनी हुई है, हालांकि बी फार्मा भरने तक पार्टी के पास अभी भी मौका है जिससे वह नुकसान से बच सकती है ।

आम आदमी पार्टी जीतने वाले चेहरे विभिन्न पार्टियों से नाखुश पर दांव आजमाने की कोशिश में है, वही कांग्रेस पार्टी टिकट बंटवारे को लेकर फूंक फूंक कर कदम रख रही है जिससे पार्टी में असंतोष की स्थिति न उत्पन्न हो यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी अभी तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है ।

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