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अमगांव दर्रा खांचा में मिटटी व कोयला उत्खनन पर रोक लगाने की मांग

रिहायसी क्षेत्र से महज 15 मीटर दूरी पर ब्लास्टिंग कर उत्खनन किया जा रहा, हैवी ब्लास्टिंग , डस्ट ,पेयजल संकट, मुआवजा ,रोजगार बसाहट की समस्या से जूझ रहे भूविस्थापित

छत्तीसगढ़/कोरबा :- एसईसीएल गेवरा क्षेत्र द्वारा अर्जित ग्राम अमगांव का सम्पूर्ण भूमि का अर्जन कर कोयला खनन विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में अर्जित क्षेत्र के दर्राखांचा, जोकाहीडबरी के क्षेत्र पर गेवरा क्षेत्र के बजाय एसईसीएल की दीपका क्षेत्र द्वारा रिहायसी क्षेत्र से मात्र 15 मीटर दूरी पर मिट्टी व कोयला उत्खनन का कार्य में विस्तार किया गया है जिसके कारण जानमाल को खतरा व प्रदुषण की भयंकर समस्या है। जबकि यहाँ पर निवासरत भूविस्थापितो की मुआवजा रोजगार बसाहट स्थल की समस्याओं का समाधान तक नहीं किया गया है और वार्ता में दिए गए आश्वसन पर कार्यवाही की नही जा रही है जिसके कारण भूविस्थापित परिवारों की ओर से मिट्टी व कोयला उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की जा रही है ग्रामीणों की समस्या को ध्यान में रखते हुये ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने कलेक्टर और पर्यावरण सरंक्षण मंडल को शिकायत करते हुए माँग किया है कि जब तक गांव कीं सुरक्षा और समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तब तक इस क्षेत्र की उत्खनन कार्य को बंद रखा जाए ।

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ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि ग्राम अमगांव के आश्रित मोहल्ला जोकाहीडबरी के शेष बचे 91 परिवार के मकानों का मुआवजा का निर्धारण 8 वर्ष पूर्व किया गया था जिसका मुआवजा पत्रक बन जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है तथा पूर्व में जिनका मुआवजा भुगतान किया गया है उनका 100 प्रतिशत सोलिशियम प्रदान किया जाना शेष है दर्राखांचा के मकानों का नापी एक वर्ष पूर्व किया गया है किन्तु नापी के बाद परिसम्पतियों, मकानों का बनाए गए
मुआवजा राशि की जानकारी सहित पावती प्रदान नहीं किया गया है ग्राम अमगांव के लिए नेहरूनगर बतारी में दिए गए पुनर्वास स्थल में समस्त सुविधायें पूर्ण नहीं की गयी है यहाँ के रोजगार, बसाहट, मुआवजा का शेष प्रकरण, वैकल्पिक रोजगार, पेयजल संकट आदि मांगो को लेकर हुयी वार्ता में दिए गए आश्वासन के अनुसार कार्यवाही पूर्ण नहीं की गयी है उन्होंने कहा हैं कि उपरोक्तानुसार समस्याओं का समाधान किये बगैर रिहायसी क्षेत्र से मात्र 15 मीटर दूर पर उत्खनन, हैवी ब्लास्टिंग, धुल-डस्ट सहित प्रदूषण, जानमाल को क्षति का खतरा बना हुआ है अतः उक्त स्थल में खदान विस्तार में तत्काल रोक लगायी जाए ।

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