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हसदेव अरण्य में कर्फ्यू जैसे हालात, 16 घंटे में 8000 पेड़ों की दी गई बलि, ग्रामीणों को किया गया नजरबंद, आदिवासियों में दहशत का माहौल, कहां हैं आदिवासियों की हित की बात करने वाले, देखें वीडियो

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छत्तीसगढ़/सरगुजा कोरबा :- हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा ,केते ईस्ट बासिन कोयला खदान के विस्तार के लिए मंगलवार को पेड़ों की कटाई शुरू हो गई है जिसमें फेस टू में 1400 हेक्टेयर में खदान का विस्तार करना है, क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया गया है ग्रामीणों को नजर बंद कर रखा गया है किसी अन्य बाहरी व्यक्तियों को मौके पर जाने पर रोक लगा दी गई है,

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को सुबह भोर में पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई थी शाम तक 43 हेक्टेयर में लगभग 8000 से ज्यादा पेड़ों की बलि दे दी गई इन पेड़ों की कटाई में लगभग 200 मशीनें लगातार पेड़ हो की कटाई कर रही हैं कर्फ्यू जैसे माहौल क्षेत्र में निर्मित होने से यहां के आदिवासियों में भय का माहौल बना हुआ है, कई आदिवासियों को नजरबंद कर हिरासत में भी लिया गया है गांव की पगडंडियों से लेकर पूरे जंगल क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, क्षेत्र के आदिवासी अब यह पूछ रहे हैं कि कहां हैं वह लोग जो आदिवासियों के हित की बात करते हैं, और पहली गोली हम खाएंगे पेड़ तो क्या पेड़ की एक डगाल भी नहीं करने देंगे, आपको बता दें कि यह पेड़ों की कटाई बिना ग्राम सभा के और बिना ग्रामीणों के मर्जी के जबरजस्ती की जा रही है जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है, यह पूरा खेल केवल एक कंपनी को फायदा पहुंचाने और विकास की गंगा बहाने के नाम पर खेला जा रहा है, जिसमें कहीं ना कहीं व्यवसायिक एवं राजनीतिक लाभ छुपा हुआ है । आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री कोमल हुपेंडी पहले ही छत्तीसगढ़ सरकार से अडानी की सेटिंग का आरोप लगा चुके हैं ।

आपको बता दें कि स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों के द्वारा हसदेव बचाओ संघर्ष समिति के माध्यम से लगातार जंगल की रखवाली करते हुए यहां पेड़ कटने का विरोध कर रहे हैं बावजूद इसके भविष्य में पर्यावरण संतुलन जंगल में निवास करने वाले आदिवासियों व जंगल में रहे रहे जंगली जानवरों की परवाह न करते हुए नियमों को ताक में रखकर बलपूर्वक एक बड़े भूभाग के जंगल को उजाडा जा रहा है, बुधवार सुबह से ही फिर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई की जा रही है