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बरबसपुर मे टीपी नगर शिफ्ट करने मंगाई गई दावा आपत्तियों का नहीं हुआ निराकरण : दिलीप मिरी

छत्तीसगढ़/कोरबा :- बरबसपुर टीपी नगर शिफ्ट करने के मामले पर मचे घमासान के बीच अब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश मंत्री दिलीप मिरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए खुलासा किया है कि लोगों से मंगाई गई दावा आपत्तियों का बिना निराकरण किए ही निराकरण करने की बात कहीं जा रही है और बरबसपुर में टीपी नगर शिफ्ट करने की जल्दबाजी निजी स्वार्थ की ओर इशारा कर रही है, उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि

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बरबसपुर में टीपी नगर शिफ्ट करने को लेकर जिस प्रकार इन दिनों प्रशासन मे दबाव बनाते हुए,सत्ता पक्ष के लोग प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं, और विपक्ष उनके निजी स्वार्थ का दावा कर रहे हैं इस प्रकार की बयान बाजी हो रही है,और कोरबा नगर पालिक निगम के महापौर सभी विभागों से एनओसी मिलने की बात कह रहे हैं,जबकि बरबसपुर टीपी नगर के लिए लोगों से मंगाई गई दावा आपत्तियों का निराकरण आज तक नहीं हुआ,दावा आपत्ति करने वाले को बुलाकर उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि विपक्ष राजस्व मंत्री के ऊपर आरोप लगाते हुए कह रहे हैं,कि बरबसपुर में इनकी लगभग 25 एकड़ जमीन है जो उनके बेटे सगे संबंधियों दोस्तों के नाम पर है,और उनका निजी स्वार्थ है और वह अपने निजी जमीन पर बरबसपुर टीपी नगर शिफ्ट कर मोटी रकम वसूल करना चाह रहे हैं,इसके साथ साथ वह क्षेत्र मसाहती गांव है, जिसके कारण उस क्षेत्र में लगभग सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीनों पर पावर प्लांट की राख पाटकर जमीन की हेराफेरी भी करने का संदेह है,अतः शासन प्रशासन को पहले बरबसपुर क्षेत्र की जमीनों के पुराने रिकॉर्ड को खंगालते हुए जमीनों की की गई रजिस्ट्री की अवधि देख कर निर्णय लेना चाहिए,और उस क्षेत्र की सभी जमीनों की जांच करवानी चाहिए, जिसके कारण वास्तु स्थिति स्पष्ट हो सके,हमारे द्वारा लगातार सरकारी जमीनों पर राखड फेंकने की शिकायतें समय-समय पर की गई है,उन शिकायतों पर भी प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए, कोरबा जिले में जिस प्रकार विगत लगभग 3 वर्षों से पावर प्लांट की राख सरकारी पर राखड़ पाटके कुछ दिन बाद वहां निर्माण किया कर दिया जाता है,एक बस्ती नुमा माहौल बना दिया गया,और बाद में उन जमीनों को निजी बताया जाता है,जो कहीं ना कहीं राजस्व विभाग की मिलीभगत की ओर इशारा करता है,बरबसपुर में हमारी टीम द्वारा निरीक्षण किया गया जहां कई पानी निकासी पुल पुलिया को भी राखड से पाट दिया गया है,राख पाटकर ऊपर से मिट्टी डालकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई है, इस कार्य में दिन रात कई जेसीबी लगाई गई है,जिसकी हमने शिकायत भी की थी,अब ऊंची पहुंच के कारण इस प्रकार प्रशासन के ऊपर दबाव बनाकर एक बड़े भूभाग को कब्जा कर मनमानी करते हुए भारी भ्रष्टाचार की ओर संकेत कर रहा है,जिसमें कारवाही करने की जरूरत है,और रही बात जिले में राखड़ से प्रदूषण की बात तो हम लगातार इसकी शिकायत कर रहे है,और जनता के हित को देखते हुए,माननीय उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका भी लगाए है,राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को इन 3 वर्षों में कहीं याद नही आया कि जिले में राखड़ से भारी परेशानी आम लोगों को हो रही है,साथ ही अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है,आखिर अभी चिंता क्यों सता रही है,कहीं ऐसा तो नही की अगले 2023 के विधानसभा चुनाव में मंत्री जी की विधायकी खत्म न हो जाये,जनता इनको मंत्री पद से हटा दे, खैर चिंता तो करने की जरूरत है,लेकिन हम लोगों के हितों की चिंता करते है।

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