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 एनएच के अधिकारियों एवं अडानी कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, टोल नाका में भ्रष्टाचार व विभिन्न मुद्दों को लेकर कारगिल योद्धा सहित धरने पर बैठे

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छत्तीसगढ़/बिलासपुर :- कोरबा जिले निवासी कारगिल योद्धा रिटायर्ड आर्मी प्रेमचंद पांडे सहित ग्रामीण एनएच के अधिकारियों सहित अडानी कंपनी के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठ गए हैं कोरबा एवं बिलासपुर जिले से लगे एनएच रोड के किनारे ग्राम लिम्हा के सैकड़ों ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे फौजी के समर्थन में बैठ गए हैं और आरोप है कि एनएच के अधिकारियों की मिलीभगत से टोल प्लाजा के ठेकेदार मनमाने ढंग से भ्रष्टाचार कर रहे हैं सरकार को राजस्व की हानि हो रही है वहीं लोकल लोगों को रोजगार देने की बजाय बाहरी लोगों को टोल प्लाजा मैं रोजगार के लिए रखा जा रहा है अनशन में बैठे रिटायर आर्मी के समर्थन में आए ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार-पांच सालों से एनएच में उनकी जमीन अधिग्रहित की गई है लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिला है और ग्रामीण मुआवजे के लिए लिए दर-दर भटक रहे हैं तो वहीं अनशन पर बैठे रिटायर्ड फौजी प्रेमचंद पांडे ने बताया कि अदानी कंपनी द्वारा एनएच 130 पतरापाली से बिलासपुर रोड की रिपेयरिंग में अदानी कंपनी द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया गया जिसमें इनविटेशन कंपनी द्वारा 9 करोड़ 34 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई गई थी लेकिन एनएच के अफसरों की मिलीभगत से ना तो पेनाल्टी की राशि वसूली गई और ना ही कड़ी कार्यवाही की गई बल्कि उसे अभयदान दे दिया गया जबकि कंपनी पर उचित कार्यवाही होनी चाहिए ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके मुआवजे को लेकर उचित कार्यवाही नहीं होगी वह भी अनशन पर बैठे प्रेमचंद पांडे के साथ एनएच के अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन करते रहेंगे वहीं अनशन पर बैठने की खबर एनएच अधिकारियों सहित मीडिया को लगी जिसके बाद एनएच के अधिकारी आनन-फानन में अनशन पर बैठे रिटायर्ड आर्मी को उठाने पहुंचे और उनसे चर्चा की लेकिन बात नहीं बनी जिसके बाद स्थानीय पुलिस भी वहां पहुंची और उसने अनशनकारी प्रेमचंद पांडे को उठाने की कोशिश की लेकिन पुलिस को भी वापस होना पड़ा, आमरण अनशन को 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद अधिकारियों की बेचैनी बढ़ती जा रही है और दूरदराज से ग्रामीणों के आने का सिलसिला जारी है ।