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एसईसीएल दीपिका गेवरा के बाद कुसमुंडा खदान में भी डीजल चोरो के झुंड ने दी दस्तक , ग्रेडर मशीन व चलते डम्परों को रोककर निकाला डीजल, कुसमुंडा पुलिस से हुई शिकायत

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छत्तीसगढ़/कोरबा :- कुछ दिनों से एसईसीएल में कोयला डीजल की पर लगे चोरी पर विराम से कॉलरी कर्मी अपने आप में काफी सुरक्षित महसुस कर रहे थे पर पुणे इसके चालू होने की सुगबुगाहट के साथ एसईसीएल कर्मियों में भय का माहौल देखा जा रहा है बीते 1 अक्टूबर के मध्य रात्रि को डीजल चोरो ने जिस कदर कुसमुण्डा खदान में डीजल के लूट को अंजाम दिया है उससें रात्रि पाली में कार्यरत कालरी कर्मी व अधिकारी भी सकते में आ गए है । मिली जानकारी के अनुसार कुसमुण्डा कालरी के खदान में रात्रि पाली के वक्त एकाएक 30-40 अज्ञात लोग खदान परिसर केट कोल माइंस में घूसकर ग्रेडर मशीन व चलते डम्परों को रूकवाकर डीजल की लूट की गई । इस वक्त डम्पर चालक भी काफी सहमें हुए थे । आलम यह था कि जितना कोयला डम्फर कोयला लेकर निकल रहे थे उन सारे डम्फरों को रूकवाकर खुलें आम डम्पर से डीजल निकाला गया । यह कृत्य देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो यह पूर्व नियोजित है । यह घटना देखकर एसईसीएल के टीएसआर कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे है कई सवालिया निशान । हालांकि एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन ने इस घटना की लिखित शिकायत थाना प्रभारी कुसमुंडा को दी है । ये कोई नई बात नहीं है कि कोयलांचल क्षेत्र में डीजल की चोरी होना लेकिन कुछ दिनों से डीजल चोरी पर अंकुश लगा हुआ था । 1 अक्टूबर की रात्रि में जो घटना सामने आई है इससें साफ जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं सुरक्षा कंपनी की घोर लाफरवाही है । इस प्रकार की घटना को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कभी भी डीजल चोरो के इन हरकतों से कालरी प्रबंधन के सुरक्षा कर्मी व रात्रिकालीन ड्यूटी कर्मी भी इन डीजल चोरो के निशाने पर आ सकते है । इनके साथ कभी भी किसी भी समय कोई अनहोनी घटना घट सकती है । आखिरकार इस पर कैसे अंकुश लगेगा यह पुलिस प्रशासन के लिए भी यह एक चुनौती है । बता दें कि इन दिनों एसईसीएल गेवरा खदान सहित अन्य खदानों में दो डीजल गिरोह काफी सक्रिय हैं जो अपने अपने गिरोह के साथियों के साथ इस प्रकार घटना को अंजाम दे रहे हैं और इन दोनों गिरोहों में वर्चस्व की लड़ाई भी छिड़ी हुई है जो कभी भी गैंगवार में बदल सकती है ।