छत्तीसगढ़/कोरबा :- नशा मुक्त भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में कोरबा जिले में जिला स्तर पर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। राज्य बाल संरक्षण समिति छत्तीसगढ़, संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर के निर्देशानुसार बच्चों द्वारा ड्रग्स एवं अन्य स्वापक औषधियों के प्रयोग की रोकथाम हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बच्चों को नशे की आदतों से दूर रखने के उद्देश्य से शैक्षणिक संस्थाओं, बाल देखरेख संस्थाओं, सार्वजनिक स्थलों तथा ऐसे चिन्हांकित क्षेत्रों में, जहां बच्चों की उपस्थिति अधिक रहती है, व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान 1 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 तक संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है।
कलेक्टर कोरबा के कुशल मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में जिला स्तर पर विभिन्न विभागों का संयुक्त दल गठित कर अभियान को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। अभियान की अवधि के उपरांत भी बच्चों के सर्वोत्तम हित में आवश्यकता अनुसार समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का संचालन जारी रखा जाएगा।
अभियान के दौरान यदि देखरेख एवं संरक्षण अथवा विपरीत परिस्थितियों में कोई बच्चा पाया जाता है, तो उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के सभी प्रतिष्ठान संचालकों, दुकानदारों, गणमान्य नागरिकों, समाज प्रमुखों, सेवा प्रदाताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आमजन से अपील की गई है कि वे बच्चों के देखरेख एवं संरक्षण, नशे की रोकथाम तथा पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करें, ताकि जिले में बच्चों को नशे से मुक्त कर सुरक्षित भविष्य की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
















