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गेवरा खदान में कोयला लिफ्टिंग को लेकर बवाल, दो कंपनियों में हिंसक झड़प के बाद दीपका पुलिस का सख्त एक्शन,गैर-जमानती धाराओं में FIR

छत्तीसगढ़/कोरबा/गेवरा–दीपका :- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों में शामिल साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा परियोजना एक बार फिर कोयला लिफ्टिंग विवाद को लेकर सुर्खियों में है। बीती रात कोयला लिफ्टिंग कार्य को लेकर दो निजी कंपनियों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद खदान क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।

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कहासुनी से हिंसा तक पहुंचा विवाद

सूत्रों के अनुसार गेवरा खदान में कोयला लिफ्टिंग का कार्य कर रही दिलीप सिंह की कंपनी के.के. एंटरप्राइजेज का लंबे समय से दबदबा बताया जा रहा है। आरोप है कि अन्य कंपनियों पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा है, जिससे खदान क्षेत्र में आए दिन तनाव की स्थिति निर्मित होती रही है।

बताया जा रहा है कि बीती रात राजा हिन्डा की KCPL कंपनी के कर्मचारियों और के.के. एंटरप्राइजेज से जुड़े लोगों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि के.के. एंटरप्राइजेज से जुड़े कथित बाउंसरों ने KCPL कंपनी के कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जिससे कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई हुई और खदान परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

SECL की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरी घटना सुरक्षा बलों की मौजूदगी में हुई, जबकि खदान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था SECL के अधीन है। नियमों के अनुसार खदानों में बाउंसरों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है, इसके बावजूद कथित तौर पर बाउंसरों की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। CISF की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पुरानी अनदेखी, बार-बार विवाद

यह कोई पहली घटना नहीं बताई जा रही है। करीब एक वर्ष पूर्व पाली क्षेत्र में भी कोयला लिफ्टिंग को लेकर इसी तरह की हिंसक घटना सामने आई थी, जिसे समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया। अब गेवरा में हुई इस घटना के बाद आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में दीपका क्षेत्र में भी हालात और बिगड़ सकते हैं।

सूत्र यह भी बता रहे हैं कि एसईसीएल के डिस्पैच सेक्शन में वर्षों से कुछ अधिकारी-कर्मचारी जमे हुए हैं। एलआई, केआई और डिस्पैच इंचार्ज जैसे महत्वपूर्ण पदों पर लंबे समय से तैनाती और कथित आर्थिक संबंधों के चलते कंपनियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है, जिससे वर्चस्व की लड़ाई लगातार हिंसक झड़पों में बदल रही है।

दीपका पुलिस का सख्त एक्शन

घटना की सूचना मिलते ही दोनों पक्षों के प्रार्थी अभय वर्मा व दीपक वैष्णव द्वारा दीपका थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दीपका पुलिस ने KCPL और के.के. ट्रांसपोर्ट/एंटरप्राइजेज से जुड़े लोगों के विरुद्ध गैर-जमानती धाराओं में अपराध दर्ज किया है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(6), 296, 115(2) एवं 351(2) के तहत FIR पंजीबद्ध कर ली है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद SECL प्रबंधन और जिला प्रशासन को कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने, वाहनों को सीज करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई जैसे विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

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