जनता की आवाज उठाने पर गिरफ्तारी, प्रदेश में सुशासन नहीं कुशासन : आप
छत्तीसगढ़/रायपुर :- आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने प्रदेश में किसानों, आम जनता और विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदेश में जनता की समस्याओं को उठाने वालों की गिरफ्तारी की जा रही है। अच्छी सड़क, किसानों के अधिकार और मूलभूत सुविधाओं की मांग करने पर जेल भेजना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है।
प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता विजय कुमार झा, बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेंद्र नाग, रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अजीम खान और प्रदेश सचिव संजय गुप्ता ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, शराब में मिलावट, किसानों की समस्याओं और बलरामपुर मामले को लेकर सरकार पर आरोप लगाए।
पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदेश में शराब में मिलावट का मामला लगातार सामने आ रहा है। उन्होंने मध्य प्रदेश में मिलावटी शराब से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार को चेत जाना चाहिए था। पार्टी ने भानुप्रतापपुर में कथित रूप से अंग्रेजी शराब में पानी मिलाने और बड़ी संख्या में खाली बोतलें, फर्जी ढक्कन व स्टिकर बरामद होने के मामले का हवाला देते हुए आबकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
किसानों की आवाज उठाने पर गिरफ्तारी का आरोप
आप नेताओं ने कहा कि जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों की एग्रीस्टेक, रकबा समर्पण के नाम पर धान खरीदी में कटौती की कथित साजिश और किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ काली पट्टी लगाकर प्रदर्शन किया था। पार्टी का आरोप है कि प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर किसानों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष एग्रीस्टेक पंजीयन में गड़बड़ी और रकबा समर्पण के मामले में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा तथा प्रदेश में छह किसानों की आत्महत्या हुई। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के हितों से खिलवाड़ बंद करना चाहिए।
सड़क की बदहाली पर सवाल उठाने पर आप नेता को जेल भेजने का आरोप
बलरामपुर मामले को लेकर पार्टी ने कहा कि प्रदेश प्रवक्ता लव कुमार दुबे ग्रामीणों के साथ जिले की बदहाल सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग लेकर आवेदन देने पहुंचे थे। पार्टी के अनुसार, जब उन्होंने जिले की खराब सड़कों और प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर कलेक्टर तथा राज्य सरकार से सवाल किए तो उन्हें जेल भेज दिया गया।
आप नेताओं ने कहा कि बलरामपुर जिले की सड़कें महीनों से गड्ढों में तब्दील हैं और आम जनता रोजाना परेशान हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि हर माह होने वाली टीएल बैठक में यदि कलेक्टर को जिले की खराब सड़कों की जानकारी नहीं थी तो यह प्रशासनिक निष्क्रियता का मामला है। पार्टी ने मुख्यमंत्री से बलरामपुर कलेक्टर को तत्काल हटाने की मांग की।
पार्टी नेताओं ने बस्तर में भी आदिवासियों के साथ धोखा किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति खराब है तथा पुलिस के बल पर विपक्ष और जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
आप की प्रमुख मांगें
- राज्य सरकार एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों को परेशान करना तत्काल बंद करे। यदि इस वर्ष भी किसान आत्महत्या करते हैं तो स्थानीय तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर को जिम्मेदार माना जाए।
- केंद्र सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को अविलंब लागू करे, ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।
- आगामी धान खरीदी सीजन में प्रदेश के सभी किसानों के पूरे धान की खरीदी की गारंटी दी जाए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
- बलरामपुर में आप नेता लव कुमार दुबे के खिलाफ दर्ज प्रकरण को तत्काल वापस लिया जाए। जिले की सड़कों का सुधार कराया जाए और लापरवाह कलेक्टर को तत्काल हटाया जाए।
- प्रदेश में नकली एवं मिलावटी शराब के कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा इसमें संलिप्त माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
आप नेताओं ने कहा कि बलरामपुर मामले को लेकर पार्टी हाईकोर्ट जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी एग्रीस्टेक पंजीयन और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों का धान खरीदने में किसी प्रकार की साजिश की गई, किसानों के हितों से खिलवाड़ जारी रहा तथा बस्तर में सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार नहीं किया गया तो आम आदमी पार्टी प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
आनन्द सिंह
प्रदेश प्रवक्ता
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़












