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शिक्षक दिवस पर कलेक्टर बने शिक्षक, विद्यार्थियों को पढ़ाया मेहनत और अनुशासन का पाठ, 8 अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस के निर्देश

एकलव्य विद्यालय छुरी में विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद, 8 अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस के निर्देश

छत्तीसगढ़/कोरबा :-  शिक्षक दिवस के अवसर पर कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शनिवार को प्रधानमंत्री एकलव्य आवासीय विद्यालय, छुरी का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने अधिकारी की भूमिका से आगे बढ़कर विद्यार्थियों के बीच शिक्षक की भूमिका निभाई और कक्षा में बैठकर उन्हें सफलता के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता का पाठ पढ़ाया।   

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कलेक्टर ने कक्षा आठवीं से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद कर उनकी पढ़ाई, भोजन, आवासीय व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी बेझिझक अपनी समस्याएं कलेक्टर के सामने रखीं। कलेक्टर ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

कक्षा में विद्यार्थियों के बीच बैठे कलेक्टर

कलेक्टर दुदावत ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन दोबारा लौटकर नहीं आता, इसलिए यही समय है जब पूरी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से पढ़ाई करने की प्रेरणा दी।

कक्षा 12वीं विज्ञान के विद्यार्थियों से चर्चा के दौरान कलेक्टर ने उन्हें फिजिक्स के सवाल हल करने के लिए दिए। निर्धारित समय में विद्यार्थी सवाल हल नहीं कर सके तो कलेक्टर ने शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी विषय को समझने में कठिनाई हो तो मोबाइल के बजाय अपने शिक्षक से शंका का समाधान कराएं।

स्कूल में आठ शिक्षक मिले अनुपस्थित, कलेक्टर ने जताई नाराजगी

शिक्षक दिवस के अवसर पर किए गए निरीक्षण के दौरान विद्यालय के आठ शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और प्राचार्य को सख्त हिदायत दी। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री श्रीकांत कसेर को अनुपस्थित पाए गए शिक्षक दीपेंद्र, तरुण कुमार, तरुण कुमार पैकरा, संदीप राज, संदीप यादव, पवन कुमार, ऊषा एवं अशोक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए पाइपलाइन का काम

विद्यार्थियों ने विद्यालय में पेयजल की समस्या सहित अन्य छोटी-छोटी समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र में जलस्तर नीचे जाने के कारण बोर असफल हुए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे जल्द समस्या का निराकरण हो जाएगा।

उन्होंने प्राचार्य और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को विद्यालय की अन्य समस्याओं का भी प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही भोजन एवं आवासीय व्यवस्था की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

नीट-जेईई की आवासीय कोचिंग, उच्च शिक्षा में भी मिलेगी मदद

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों की जानकारी देते हुए कहा कि डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए नीट और जेईई की आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने विद्यार्थियों से इन अवसरों का लाभ उठाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा के लिए देश के किसी सरकारी कॉलेज या महत्वपूर्ण संस्थान में चयन होने पर तथा डॉक्टर-इंजीनियरिंग जैसी व्यावसायिक शिक्षा के लिए शुल्क की आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को देश के महत्वपूर्ण संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा।

मोबाइल से दूरी, पढ़ाई पर फोकस करने की सलाह

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मोबाइल की लत पढ़ाई और एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने विद्यालय में मोबाइल नहीं लाने की हिदायत देते हुए कहा कि किसी विषय में कठिनाई होने पर इंटरनेट या मोबाइल पर निर्भर रहने के बजाय शिक्षक से सीधे अपनी शंका पूछें।

विद्यार्थियों को दिया भरोसा—समस्या बताएं, समाधान कराएगा प्रशासन

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन हमेशा तत्पर है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हुए कहा कि वे यह नंबर अपने माता-पिता को भी दें। विद्यालय में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर पहले शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को अवगत कराएं, ताकि उसका तत्काल समाधान किया जा सके।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि लक्ष्य जितना बड़ा होगा, मेहनत भी उतनी ही बड़ी करनी होगी। आज की मेहनत ही भविष्य की दिशा तय करती है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर सहित विद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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