ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर में तेल रिसाव, बिजली गुल होने से पेयजल, खेती, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित; विभाग ने शाम तक आपूर्ति बहाल करने का दिया आश्वासन।
बिजली नहीं रहने से सबसे अधिक असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। ग्राम के पटेल कॉम्प्लेक्स में स्थानीय जागरूक लोगों ने जनरेटर और डीजे सिस्टम की सहायता से करीब दो घंटे तक पानी उपलब्ध कराया। पानी भरने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे क्षेत्र में पेयजल संकट की गंभीरता साफ दिखाई दी। नदियापार और मुराई कछार क्षेत्र सहित कई स्थानों पर भी दर्जनों परिवार पानी के लिए परेशान नजर आए।
भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार बिजली बाधित रहने से घरेलू कार्य, विद्यार्थियों की पढ़ाई, कृषि कार्य, छोटे व्यवसाय और मोबाइल नेटवर्क व चार्जिंग जैसी दैनिक आवश्यकताएं भी प्रभावित हो गई हैं। वहीं ऑनलाइन खाद, धान और बीज बिक्री का कार्य भी पिछले दो दिनों से ठप पड़ा है, जिससे किसानों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर में तेल रिसाव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके कारण बार-बार तकनीकी खराबियां सामने आती रही हैं। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर की तत्काल मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन कर नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के बाद जनहित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।











