छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले के पसान थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मृतिका के पति ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कोरबा से शिकायत की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। 
ग्राम कुम्हारीसानी निवासी गणपत सिंह मरकाम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एडिशनल एसपी लखन पटले ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शिकायत के अनुसार 22 फरवरी 2026 को गणपत सिंह की पत्नी जयकुंवर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद 26 फरवरी को सूचना मिली कि पसान क्षेत्र के सुखरी तालाब के पास एक महिला का शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने शव की पहचान जयकुंवर के रूप में की। 
मृतिका के पति का आरोप है कि उसकी पत्नी के साथ पहले सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर शव को तालाब के पास फेंक दिया गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए उसमें गलत जानकारी दर्ज किए जाने का आरोप लगाया है।
इस मामले में सुखदेव करियाम, शंकर नेटी, पवन सिंह मरकाम, कपिल करियाम और प्रकाश चंद्र जाखड़ के नाम सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार प्रकाश चंद्र जाखड़ पूर्व में भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी रह चुके हैं और वर्तमान में पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के जनपद उपाध्यक्ष पद पर पदस्थ हैं, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
परिजनों का आरोप है कि पसान थाना पुलिस द्वारा केवल एक व्यक्ति को आरोपी बनाकर कार्रवाई की गई, जबकि इस मामले में पांच लोग शामिल हैं। उनका कहना है कि प्रभावशाली लोगों के नाम जानबूझकर केस से हटा दिए गए, जिसके कारण अन्य आरोपियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
बताया जा रहा है कि इस मामले में एक आरोपी सुखदेव करियाम पहले ही जेल भेजा जा चुका है, लेकिन अब चार अन्य लोगों के नाम सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। साथ ही उसने यह भी कहा कि उसे और उसके परिवार को लगातार जान का खतरा बना हुआ है।











