छत्तीसगढ़/कोरबा :- 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के जिला स्तरीय समारोह में शिक्षा विभाग की झांकी कार्यक्रम स्थल सीएसईबी फुटबॉल ग्राउंड तक तो पहुंच गई, लेकिन अव्यवस्था और लापरवाही के चलते गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा नहीं बन सकी। मैदान के भीतर पड़े रेत के ढेर में झांकी इस कदर फंस गई कि तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बाहर नहीं निकाला जा सका। 
झांकी को निकालने के लिए विभाग द्वारा ट्रैक्टर की सहायता से लगातार प्रयास किए जाते रहे। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और वाहन चालकों ने काफी मशक्कत की, लेकिन झांकी रेत में धंसी रही। अंततः कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जेसीबी मशीन की मदद से झांकी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक समारोह समाप्त हो चुका था और शिक्षा विभाग अपनी प्रस्तुति नहीं दे सका।
रेत ने रोक दी व्यवस्था, जिम्मेदार कौन?
यह पूरा घटनाक्रम जिला स्तरीय कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जब पहले से यह जानकारी थी कि बड़ी और भारी झांकियां कार्यक्रम में शामिल होंगी और कई दिनों से रिहर्सल भी चल रहा था, तो मैदान की समुचित तैयारी क्यों नहीं की गई? मैदान के भीतर रेत के ढेर का होना साफ तौर पर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
कोरबा जिले में अवैध रेत कारोबार पहले से ही चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में रेत के कारण झांकी का फंस जाना केवल संयोग नहीं माना जा सकता। यह घटना इस ओर भी इशारा करती है कि अवैध रेत किस तरह व्यवस्थाओं के पहिए थामे खड़ी है।
शिक्षा विभाग की झांकी का इस तरह समारोह से बाहर रह जाना न सिर्फ विभाग के प्रयासों पर पानी फेर गया, बल्कि जिला प्रशासन की तैयारियों पर भी सवालिया निशान छोड़ गया है। अब यह देखना होगा कि इस लापरवाही की जिम्मेदारी तय होती है या फिर नहीं ।
















