छत्तीसगढ़/कोरबा :- प्रदेश में 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में परिवहन विभाग की पहल पर स्वास्थ्य विभाग कोरबा द्वारा नया बस स्टैंड में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बस चालक, कंडक्टर, ऑटो चालक सहित बड़ी संख्या में यात्रियों ने नेत्र जांच करवाई। शिविर के दौरान लगभग 180 लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से कुछ लोगों में नेत्र दोष पाया गया। ऐसे लोगों को उचित इलाज के साथ चश्मा लगाने की सलाह दी गई। 
स्वास्थ्य विभाग कोरबा के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित गुप्ता ने बताया कि ड्राइवरों की दृष्टि सही होना सड़क सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने परिवहन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर नेत्र जांच शिविर लगाने से लोगों में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। डॉ. गुप्ता ने यह भी कहा कि इस तरह के नेत्र जांच शिविर प्रत्येक 6 माह में आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि वाहन चालकों की समय-समय पर जांच हो सके और सुरक्षित यातायात को बढ़ावा मिल सके। 
शासन के आंकड़ों के मुताबिक हर वर्ष यातायात व परिवहन विभाग के नियमों की अनदेखी के कारण देशभर में प्रतिवर्ष औसतन 480523 सड़क दुर्घटना में 172820 लोगों की मौत हो जाती है । 
















