छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने और नशामुक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस हेतु अलग-अलग विभागों को विशिष्ट उत्तरदायित्व सौंपे गए हैं ताकि जिले में नशामुक्ति के प्रयासों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाया जा सके।
पंचायतों और निकायों में निकलेगी साप्ताहिक रैलियां
प्रशासन ने जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों को मुख्य भूमिका सौंपी है। कोरबा, कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा और करतला जैसे क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के स्तर पर गठित ’भारत माता वाहिनी’ को सक्रिय किया जाएगा। साथ ही कोरबा, दीपका, बांकी मोंगरा, कटघोरा, छुरीकला व पाली नगरीय निकायों व ग्राम पंचायतों में अब हर सप्ताह अनिवार्य रूप से नशामुक्ति रैलियां आयोजित की जाएंगी और राज्य स्तरीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14446 का व्यापक प्रचार किया जाएगा।
नुक्कड़ नाटकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए जागरूकता
महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे समाज में नशे के विरुद्ध एक सकारात्मक वातावरण तैयार करें। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में नुक्कड़-नाटकों का मंचन किया जाएगा। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से हर सेक्टर के गांवों और वार्डों में साप्ताहिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
नशामुक्ति केंद्रों की होगी सख्त मॉनिटरिंग
स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग को नशामुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) और समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक को जिम्मेदारी दी गई है कि वे केंद्रों में मरीजों की संख्या और उपचार की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग करें। मुड़पार स्थित नशामुक्ति केंद्र के प्रबंधन को भी सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने निर्देशित किया गया है।
नशे के विरुद्ध जिला प्रशासन सख्त, नशामुक्ति के प्रभावी संचालन हेतु विभिन्न विभागों को सौंपे गए दायित्व
















