छत्तीसगढ़/कोरबा :- कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के नेतृत्व में कटघोरा विकासखंड के ग्राम बांकीमोंगरा में जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी द्वारा एक दिवसीय इंटेंसिफाइड एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।
यह शिविर 10 जनवरी को आयोजित किया गया, जिसमें कुल 130 लोगों का पंजीयन किया गया तथा 100 लोगों की विभिन्न स्वास्थ्य जांचें की गईं। शिविर के दौरान वीडीआरएल-100, एचबी-100, शुगर-88 एवं बीपी-87 लोगों की जांच की गई। शिविर में उपस्थित लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। साथ ही एचआईवी/एड्स से संबंधित जानकारी, परामर्श, सुरक्षित बचाव के उपायों एवं एड्स पॉजिटिव मरीजों से भेदभाव न करने के विषय में विस्तृत रूप से जागरूक किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने बताया कि एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है, जिससे व्यक्ति की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है और समय पर इलाज न मिलने पर यह एड्स जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। हालांकि, समय पर जांच और सही उपचार से एचआईवी को नियंत्रित कर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एचआईवी के प्रारंभिक चरण में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते, लेकिन लंबे समय तक बुखार, थकान, फ्लू, सिरदर्द, गले में खराश, रात में पसीना, उल्टी-दस्त, निमोनिया, मुंह में छाले या टीबी जैसी बीमारियां इसके संकेत हो सकते हैं।ऐसी स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार एचआईवी जांच अवश्य करानी चाहिए।
डॉ. केशरी ने यह भी बताया कि यौन रूप से सक्रिय व्यक्तियों, असुरक्षित यौन संबंध रखने वालों, सुई साझा करने वालों या यौन संचारित रोग से ग्रसित व्यक्तियों को हर 3 से 6 माह में जांच कराना आवश्यक है। साथ ही प्रत्येक गर्भवती महिला को प्रथम तिमाही में एचआईवी जांच कराना अनिवार्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जिन व्यक्तियों में उक्त लक्षण दिखाई दें, वे मेडिकल कॉलेज (जिला चिकित्सालय) के आईटीसी सेंटर, समस्त विकासखंडों के आईटीसी सेंटर या टोल फ्री नंबर 1097 पर संपर्क कर निःशुल्क जांच एवं परामर्श प्राप्त करें।
















