छत्तीसगढ़/कोरबा :- नशा मुक्ति अभियान के तहत जिला जेल कोरबा एवं उपजेल कटघोरा में बंदियों द्वारा रंगोली के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों पर प्रभावी संदेश दिया गया। “नशा भविष्य का नाश करता है, यह परिवार और समाज के सर्वनाश का कारण बनता है” जैसे संदेशों को रंगोली के माध्यम से उकेरते हुए नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाई गई।
यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा श्री संतोष शर्मा के निर्देशन में किया गया। राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती) के अवसर पर 5 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक पूरे सप्ताह नालसा (डॉन) ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग फ्री इंडिया स्कीम–2025 के अंतर्गत यह विशेष अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान बंदियों को नशीली दवाओं एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाले गंभीर मानसिक एवं शारीरिक दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। साथ ही नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों को उचित चिकित्सा, मानसिक सहयोग, परामर्श एवं न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के संबंध में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि नशा आज समाज की एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे विशेषकर युवाओं का भविष्य तेजी से अंधकार की ओर जा रहा है। नशे की आदत व्यक्ति को अंदर से तोड़ देती है, जिससे वह सामाजिक और पारिवारिक जीवन में भी अत्यधिक कष्ट झेलता है।
उपजेल कटघोरा में आयोजित कार्यक्रम में श्रीमती श्रद्धा शुक्ला शर्मा, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (FTSC POCSO) एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति कटघोरा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा, सहायक जेल अधीक्षिका कटघोरा उपस्थित रहीं। वहीं जिला जेल कोरबा में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा, सहायक जेल अधीक्षक एवं जेल कर्मचारीगण मौजूद रहे। अधिकारियों ने बंदियों द्वारा बनाई गई रंगोली की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया और नशा मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल जागरूकता फैलाना बल्कि बंदियों को सकारात्मक सोच एवं स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना रहा।
















