छत्तीसगढ़/कोरबा :- जिले के ग्राम पहरिपारा (भैसमा) में उस वक्त भारी तनाव की स्थिति बन गई, जब ग्रामीणों ने आबकारी विभाग के लिए कथित रूप से अवैध वसूली और मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए दो सगे भाइयों की जमकर पिटाई कर दी। घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक पटरी निवासी राजू देवांगन उर्फ प्रमोद देवांगन तथा उसका भाई मनोज देवांगन लंबे समय से आबकारी विभाग के लिए मुखबिर के तौर पर काम कर रहे थे। आरोप है कि दोनों भाई गांव-गांव जाकर शराब कारोबार के नाम पर लोगों को डराते-धमकाते थे और अवैध वसूली करते थे।
बताया जा रहा है कि आज ग्राम पहरिपारा में इन्हीं आरोपों को लेकर राजू देवांगन की ग्रामीणों से तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। गुस्साए ग्रामीणों ने पहले राजू देवांगन और फिर उसके भाई मनोज देवांगन की लात-घूंसों से जमकर पिटाई कर दी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन हालात इतने बेकाबू हो गए कि ग्रामीणों का गुस्सा थम नहीं सका। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
ग्रामीणों के गंभीर आरोप- ग्रामीणों का साफ कहना है कि—
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दोनों भाई आबकारी विभाग के नाम पर डर का माहौल बनाते थे
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अवैध शराब के मामलों में मनमानी मुखबिरी की जाती थी
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निर्दोष ग्रामीणों से भी पैसे की वसूली की जाती थी
ग्रामीणों ने आबकारी विभाग पर भी इन लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने की बात कही है, वहीं अब नजरें इस पर टिकी हैं कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है, क्या आबकारी विभाग के नाम पर चल रही कथित अवैध वसूली की सच्चाई सामने आएगी, या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा ?

















