छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा जिले में स्थापित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के मुख्य विद्युत संयंत्र एचटीपीपी जिसकी उत्पादन क्षमता 1340 मेगावाट है तो वही दूसरा संयंत्र dspm जिसकी उत्पादन क्षमता 500 मेगा वाट है ऐसे विद्युत संयंत्र जो कि देश में बिजली उत्पादन में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है लेकिन पिछले कुछ महीनों से संयंत्रों में लगातार कोयले की कमी के चलते बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है तो वही खराब कोयला भी संयंत्रों की खराबी का कारण बन रहा है कभी कभार तो अधिकारियों की लापरवाही और संयंत्रों के मेंटेनेंस की कमी के चलते भी बिजली उत्पादन प्रभावित रहा है,
ऐसे में इतने बड़ी-बड़ी उत्पादन इकाईयों HTPP और डीएसपीएम संयंत्रों में मुख्य अभियंता की नियुक्ति नहीं है प्रभारी अभियंताओं के भरोसे इतने बड़े संयंत्रों का संचालन हो रहा है जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है मामले में यूनियन नेता व बीएमएस के राष्ट्रीय विधुत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल ने भी कोयला की कमी और बार बार उत्पादन इकाईयायों के बंद होने का जिम्मेदार अधिकारीयों की लापरवाही और संयंत्रों में उच्च अधिकारियों के मैनेजमेंट की कमी और मुख्य अभियंताओं की स्थाई नियुक्ति का नहीं होना बताया है और जल्द से जल्द दोनों संयंत्रों में मुख्य अभियंताओं की स्थाई नियुक्ति की मांग की है


















