छत्तीसगढ़/कोरबा :- कोरबा वनमंडल के बालको वन परिक्षेत्र ग्राम पंचायत बेला निवासी महिला महेत्रिन बाई धनुहार पति धुडू राम धनुहार उम्र 35 वर्ष अपने 7 साल की बेटी के साथ जंगल लकड़ी बीनने गई थी, इसी बीच जंगली भालू ने महिला के ऊपर हमला कर लहूलुहान कर दिया जिसे पालतू कुत्ते ने बचाया, कुत्ते की वफादारी की कई कहानी पढ़े, सुने और देखे होंगे। कोरबा जिले में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहा लकड़ी लेने जंगल गई महिला पर दो भालुओं ने हमला कर दिया। अपनी मालकिन को मुसीबत में देख कुत्ता भालुओं पर टूट पड़ा। उसके हमले से भालु जंगल की ओर भागने मजबूर हो गए। हालांकि घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे डॉयल 112 की मदद से इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया गया।जहाँ उसका उपचार जारी है। ग्राम बेला निवासी भुंडुराम धनवार पत्नी महेतरीन बाई और चार बच्चों के साथ निवास करता है। पति पत्नी रोजी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। घर में चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी समाप्त हो गया था। सोमवार की सुबह महेतरीन बाई बेला जलाशय के समीप स्थित पहाड़ी में लकड़ी लेने गई थी। वह जंगल में लकड़ी एकत्रित कर रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले दो भालु ने एक साथ महिला पर हमला कर दिया। अपनी जान बचाने महिला चीख पुकार मचाने लगी। उसकी चीख सुनकर बचाव के लिए कोई नही पहुंचा, लेकिन पालतू कुत्ता मालकिन की जान मुसीबत में देख भालुओं से भिड़ गया। वह काफी देर तक भालुओं से खुद को बचाते हुए पलटवार करता रहा। आखिरकार भालु जंगल की ओर भाग निकले। महिला की चीखे और कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनकर कुछ चरवाहे मौके पर जा पहुंचा। उन्होंने घटना की जानकारी गांव पहुंचकर भुंडुराम को दी। वह परिजनों के साथ पहाड़ी के उपर पहुंचा, जहां महिला खून से लथपथ पड़ी “थी। सूचना मिलने पर डॉयल 112 में तैनात आरक्षक चंद्र प्रताप कोर्राम चालक संदीप रात्रे के साथ जलाशय के समीप पहुंचे। पहाड़ी के उपर वाहन से जा पाना संभव नही था। ऐसे में घायल महिला को चादर में लिटाकर वाहन तक लाया गया। तब कहीं जाकर महिला को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाकर दाखिल कराया जा सका। बहरहाल एक बार फिर पालतु कुत्ते की वफादारी के कारण महिला की जान बच गईl












