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ACB कंपनी के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज करेगा उग्र आंदोलन, फर्जी जाति प्रमाण पत्र सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर रखी बात

छत्तीसगढ़/कोरबा :- एसीबी कंपनी लगातार मुश्किलों में घिरती जा रही है एक समय था जब एसीबी कंपनी की कोयला खदानों में तूती बोलती थी आदिवासियों की जमीनों को फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर हथिया लिया जिस पर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना लगातार 23 फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले को उठाती रही है अब सर्व आदिवासी समाज भी इस मुद्दे को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हुए आदिवासियों के हित में विभिन्न मुद्दों रखा….

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जिले के अनुविभागीय क्षेत्र कटघोरा व पाली में स्थित आर्यन कोल बेनिफिकेशन (एसीबी) प्राइवेट लिमिटेड का पॉवर प्लांट और कोलवासरी संचालित है। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में ग्राम टैंडा नावापारा में स्थित टी आर एन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड पॉवर प्लांट संचालित है। इनके संस्थापक व अन्य लोगों द्वारा बड़ी मात्रा में आदिवासियों की जमीनों को सस्ते दामों में खरीद कर उसमें यह प्लांट व वाशरी संचालित किया जा रहा है। जिनके नाम से जमीन खरीदी की गयी है, उनके भी दस्तावेज फर्जी व कूटरचित है। ऐसे कुल 23 लोगों के नामों को चिन्हांकित कर छत्तीसगढ़ सरकार के पास शिकायत किया जा चुका है। इनके नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कटघोरा एसडीएम कार्यालय से अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) का स्थाई जाति प्रमाण पत्र बनवाया गया है। उसी प्रमाण पत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ के मूल आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीनों को औने-पौने दामों में खरीद कर उसमें पॉवर प्लांट व कोल वाशरी संचालित किया जा रहा है। उक्त बातें सर्व आदिवासी समाज के युवा प्रभार प्रदेश अध्यक्ष सुभाष सिंह परते ने प्रेस कांफ्रेंस में कही। उन्होंने कहा कि नई रेल लाइन गेवरा रोड से पेन्ड्रा रोड स्पेशल प्रोजेक्ट में 40 करोड़ से ऊपर का मुआवजा लिया गया है, जिसका प्रमाणित दस्तावेज है । पिछले साल 2022 में कार्यालय जिला स्तरीय प्रमाण पत्र सत्यापन समिति कोरबा के आदेश प्रकरण क्र. 01/2022 दिनांक: 07/07/12022 व आदेश प्रकरण क्र. 02/2022 दिनांक: 21/07/2022 को उपरोक्त कुल 23 लोगों का अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र निलंबित किया गया था। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में ग्राम-ट्रेडा नावापारा में स्थित पॉवर प्लांट स्थापित है, ग्राम खोखरो आमा में उक्त 23 लोगों के नाम से सैकड़ों एकड़ जमीन वर्ष 2010 में लिया गया, लेकिन बड़े आश्चर्य की बात है, उक्त 23 लोगों का जाति
पत्र वर्ष 2013-14 में कटघोरा एसडीएम कार्यालय से बना था, जिसका मूल दस्तावेज ही विभाग से गायब है। इससे समझा जा सकता है कि कैसे संगठित होकर लोग व उद्योग, मूलनिवासी आदिवासियों के साथ छल व कपट करते हुए हमारे अधिकारों का हलन कर रहे हैं। शिकायत होने के बावजूद भी कोई ठोस कार्यवाही न करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। जिससे कि सर्व आदिवासी समाज अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहा है। समय रहते इस फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने वाले व बनवाने वाले तथा एसीबी कंपनी के विरुद्ध कार्यवाही नहीं होता तो सर्व आदिवासी समाज आने वाले समय में आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। साथ ही वर्षों से 267 लोग एससी/ एसटी बनकर जो सरकारी पदों पर नौकरी रहे है, जिसके बर्खास्तगी के होनी चाहिए। बावजूद भी आजतक नौकरी करते आ रहे है, उनके ऊपर भी दंडात्मक कार्यवाही होनी चाहिए। प्रेस कांफ्रेंस में सेवक राम मरावी जिला अध्यक्ष केसी कंवर युवा प्रभार जिला अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन बिंदुवार 

1. संविधान की पांचवी अनूसूची जिला कोरबा में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग की नियुक्ति में शत प्रतिशत आरक्षण किया जाए।

2. अनुसूचित जिला में पेसा कानून 1996 के तहत ग्राम सभा को पूर्ण अधिकार दिया जाए।

3. फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा कर नौकरी करने वाले को तत्काल बर्खास्त किया जाए। व कानूनी दण्डात्मक कार्यवाही किया जाए।

4. कोरबा जिला में किए गए भू अधिग्रहण के विस्थापितों के समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाया जाए।

5. वन अधिकार अधिनियम के तहत वन पट्टा दिया जाए।

6. तेंदू पत्ता संग्रहाकों को बोनस दिया जाए।

7. हसदेव आरण्य में फर्जी ग्राम सभा करके हसदेव कोल ब्लाक को खोला गया, आबंटन निरस्त किया जाए।

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