छत्तीसगढ़/कोरबा :- दर्शन दास मानिकपुरी पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी व संतोष मिश्रा सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र कोरबा के द्वारा कोरबा जिला सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश के अनेकों जिलों में जंगली हाथियों का उत्पात एक लंबे अरसे से लगातार जारी है, जिसमें ग्रामीणजनों को जनघन की नुकसानी हो रही है, जो वन क्षेत्र के अधिकांश गरीब आदिवासी किसान ही प्रभावित हैं। इनकी पीड़ा को जानसुन कर गत 6-7 वर्ष पूर्व राहुल गांधी जी का दिल्ली से कोरबा जिले का ग्राम कुदमुरा आगमन हुआ था, जहां पर सैकड़ों की तादाद में पीड़ित परिवार से भेंट कर उनकी व्यथा को सुनकर राहुल गांधी जी द्वारा पीडितों को समाधान करने का आश्वासन दिया गया।
वनक्षेत्र के ग्रामीणों की प्रमुख मांग
1. जंगली हाथी के द्वारा मारे जाने पर मृतक के आश्रित को कम से कम बीस लाख रूपये क्षतिपूर्ति दिया जाए। हाथी हमले पर मृतक परिवार के एक व्यक्ति को वन विभाग में योग्यतानुसार नौकरी दिया जाए।
3. किसानों की धान के फसल को हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाने पर मुआवजा राशि न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर प्रति एकड़ सरकार द्वारा निर्धारित 20 क्विंटल पैदावार को मानकर राशि भुगतान किया जाये।
4.हाथियों के द्वारा फसल नुकसानी पर वन विभाग का अमला सही आंकलन नहीं करते नही समय पर भुगतान किया जाता है. इस पर सुधार किया जाये ।
छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र के ग्रामीणजनों का जीवन यापन वनोपज पर आधारित है, जंगली हाथियों के आतंक के कारण वनोपज का संग्रहण प्रभावित होता है, इस दिशा में कारगर योजना बनाई जाए, जिससे ये वनोपज का संग्रहण कर सकें। अभी तक हाथियों के हमले से सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जिससे हाथी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण हमेशा भयभीत रहते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रभावी उपाय किया जाए। जिस प्रकार राहुल गांधी जी दिल्ली से आकर हाथी पीड़ित लोगों से मिलकर उनके दुख-दर्द को सुना और जाना, उसी तरह आप भी कोरबा जिले के हाथी प्रभावित क्षेत्र में आकर उनसे प्रत्यक्ष भेंट कर उनकी समस्याओं को निराकरण कर राहत प्रदान करें ।












