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सरकारी जमीनों पर राखड़ पाटकर जमीन की अफरा-तफरी कर बस्ती बनने के बाद 3 साल बाद राजस्व मंत्री को सरकारी जमीनों पर राखड़ से होने वाली समस्या याद आई और कहा यहां ट्रांसपोर्ट नगर नहीं तो कलेक्टर होंगे शिफ्ट

छत्तीसगढ़/कोरबा :- नेताओं को अपना स्वार्थ सिद्ध होने या ना होने के बाद अचानक उनको जनता की समस्याओं की याद आना कोई नई बात नहीं है और उनके स्वार्थ में अधिकारियों का पीसना भी कोई नई बात नहीं है, अब जब राखड फेंकने वाली ब्लैक स्मिथ कंपनी के अनुमति में हुआ बदलाव,दरअसल कोरबा जिले में विगत 3 वर्षों से पावर प्लांट से निकलने वाली राख को सरकारी जमीनों पर जहां-तहां फेंककर मसाहती गांव के जमीनों के साथ अफरा तफरी करते हुए बड़े पैमाने पर इन 3 वर्षों में सरकारी जमीनों पर राख फेंक कर जमीनों की अफरा-तफरी करते हुए सरकारी जमीनों को निजी बताते हुए बरबसपुर क्षेत्र में एक बस्ती बसा लिया गया है वजह यह थी कि बरबसपुर क्षेत्र में नया टीपी नगर बनना था लेकिन अब अचानक प्रशासन को मिली विभिन्न शिकायतों के आधार पर प्रशासन के बरबसपुर में टीपी नगर को यू टर्न करते हुए झगरहा शिफ्ट करने की खबर के बाद अचानक राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को धमकाते हुए कहा कि अगर बरबसपुर में टीपी नगर नहीं शिफ्ट नहीं किया जाएगा तो कलेक्टर होंगे शिफ्ट,

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दरअसल इस मामले की असली वजह यह है कि 72 एकड़ में रिंग रोड बरबसपुर में ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण प्रस्तावित है जिसमें कई लोगों द्वारा आपत्तियां भी दर्ज कराई गई हैं, लेकिन उनके द्वारा दर्ज कराई आपत्तियों को दरकिनार किया गया है वजह साफ है कि जब से बरबसपुर मे ट्रांसपोर्ट नगर बनने की चर्चा चली इसके बाद अचानक जंगल क्षेत्र की इन जमीनों पर एक नया फंडा आ गया जिसमें जिसमें ब्लैक स्मिथ नामक कंपनी पावर प्लांट से निकलने वाली राख फेंकने का ठेका ऊंची पहुंच के कारण नियम विरुद्ध ले ली और उसने संबंधित अधिकारियों को दबाव पूर्वक मनमानी करते हुए कोरबा जिले के बरबसपुर से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में पेटी ठेका के माध्यम से जहां-तहां भू माफियाओं के इशारे पर राख फेंक कर भू माफियाओं के मंसूबे को साकार किया और आज सरकारी जमीनों पर ब्लैक स्मिथ द्वारा फेंकी गई राख के कारण राजस्व विभाग की मिलीभगत से मसाती गांव की जमीनों में अफरा-तफरी करते हुए भू माफिया करोड़ों की सरकारी जमीने निजी भूमि के नाम से परिवर्तित कर ली, इस जमीन के अवैध कारोबार के खेल मे कई बड़ी हस्तियां शामिल हैं, यह हाल तब है जब कांग्रेस की सत्ता में स्वयं राजस्व मंत्री कोरबा जिले के हैं व बरबसपुर क्षेत्र जो नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र अंतर्गत आता है जहां पर पूर्व में मंत्री की पत्नी रेणु अग्रवाल महापौर रह चुकी है अब वर्तमान में भी कोरबा नगर पालिक निगम की सत्ता पर कांग्रेश की सत्ता है जहां के महापौर राजस्व मंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले हैं,

लेकिन अब जब प्रशासन बरबसपुर की जगह झगरहा मे टीपी नगर शिफ्ट करने को लेकर मीडिया में चर्चाएं जोर पकड़ी तो राजस्व मंत्री मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालते हुए कहां की टीपी नगर बरबसपुर में ही बनेगा नहीं तो कलेक्टर होंगे शिफ्ट,

आपको बता दें कि राखड़ पाट कर जमीनों के अफरातफरी के खेल को सुर्खियां न्यूज़ में विगत 3 वर्षों से लगातार उठाते रहा है लोगों द्वारा लगातार शिकायतें भी आती रही है लेकिन 3 वर्षों तक राजस्व मंत्री ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है अब अचानक उनका बरबसपुर में टीपी नगर बनने का प्रेम कैसे जाग गया और लोगों को राखड़ से होने वाली समस्याओं और कोरबा शहर से भारी लोड वाहनों के चलने को लेकर आखिर प्रशासन के अधिकारियों को क्यों इस प्रकार चेतावनी देनी पड़ी यह जांच का विषय है ।

सुर्खियां न्यूज़ राजस्व मंत्री द्वारा राखड़ पर लिए एक्शन को गलत नहीं ठहराता लेकिन उनकी टाइमिंग को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है कि जो आज राखड की समस्या को लेकर कलेक्टर को इस प्रकार चेतावनी देनी पड़ी वह 3 वर्ष पहले इस मुद्दे पर क्यों नहीं बोले जबकि अब उस जंगली क्षेत्र में बस्ती तक बस गई है लोगों से यह बात भी नहीं छुपी हुई है की कोरबा जिले में जितने भी कलेक्टर आए जयसिंह अग्रवाल का विपक्ष पार्टी में विधायक रहने से लेकर आज जब वह वर्तमान भूपेश सरकार में बतौर राजस्व मंत्री हैं तब भी उन्हें विपक्ष की भांति भूमिका निभानी पड़ रही है जबकि वह उस विभाग के राजस्व मंत्री हैं और उनके विधानसभा क्षेत्र में विगत 3 वर्षों से ऐसा बेहाल है, शासन प्रशासन को इन सभी विषयों के तह में जाकर निर्णय लेने की आवश्यकता है ।

अब इस मामले पर भाजपा कोरबा जिला अध्यक्ष ने राजस्व मंत्री के बयान के बाद 3 वर्ष बाद चुप्पी तोड़ते हुए अपनी राजनीतिक रोटी सीखने की कोशिश की है और 3 वर्षों के बाद उनको याद आया कि उनके परिजनों की वहां जमीने हैं यही कारण है कि वहां टीपी नगर शिफ्ट किए जाने पर जोर दिया जा रहा है ।

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